गुरुर,09 अप्रैल 2026 || दीपक देवदास ||
केंद्र एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग द्वारा की गई जांच में कई स्थानों पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिस पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कृषि विभाग के उप संचालक ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान पी.ओ.एस. मशीन के रिकॉर्ड, उर्वरकों के भौतिक स्टॉक तथा किसानों को वितरित की गई मात्रा का मिलान किया गया। जांच में टेसू कृषि केन्द्र (गुरूर), सुरेश ट्रेडर्स (गुरूर), सोनकर कृषि केन्द्र (डौंडीलोहारा), सोनवानी कृषि केन्द्र (जेवरतला) एवं सेवा सहकारी समिति (नवागांव-अहि.) में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। इन सभी संबंधित संस्थानों को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बाफना कृषि केन्द्र (अछोली) में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर उसके उर्वरक विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उप संचालक ने स्पष्ट किया कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी उर्वरक विक्रय केंद्र में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

