-यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया, जिसने जिम्मेदारों की लापरवाही की पोल खोल दी है। यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल हटाया जा रहा है। इस दौरान बिना किसी सुरक्षा प्रबंध क्षेत्र को प्रतिबंधित किए ही बुलडोजर पीपों को खींचकर हटाया जा रहा था। इसी की चपेट में आकर मोटरबोट पलट गई और 10 लोगों की जान चली गई। पुल हटाने वाली टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी है। दोपहर करीब 2:30 बजे के करीब 37 लोग श्रृंगार घाट पर पहुंचे। वहां से श्रद्धालु दो मोटरबोट में सवार हुए। डूबने वाली मोटरबोट में 37 लोग सवार थे।
यमुना में जब नाविक बोट को दौड़ने लगा तो कुछ जगह पर लोगों को डर लगने लगा। कुछ लोगों ने चालक से मोटरबोट की स्पीड कम करने के लिए कहा लेकिन चालक ने एक न सुनी और कहा कि हम लोगों को रोज का काम है। वह मोटरबोट को पांटूल पुल के पास ले गया। जहां यमुना रिवर फ्रंट के कार्य के चलते पांटून पुल को हटाया जा रहा था, यहां पुल के पास यमुना में पानी भी कम था। मोटरबोट वहां आकर रुक गई। चालक ने उसे चलाने के लिए स्पीड़ बढ़ाई तो बोट अनियंत्रित होने लगी। इस पर फिर लोगों ने चालक से कहा कि अब बोट को आगे नहीं ले जाओ, वापस ले चलो लेकिन चालक ने फिर लोगों की बातों को अनुसना कर दिया और बोट की स्पीड बढ़ा दी। अचानक तेज गति से मोटरबोट बढ़ी और हवा के झोंके से पांटून पुल से टकरा गयी। पुल की टक्कर लगते ही बोट अनियंत्रित होने लगी। बोट में सवार लोग एक तरफ हो गए। एक तरफ वजन बढ़ने के कारण मोटरबोट नदी में पलट गई।
वृंदावन के केसी घाट पर नाव हादसा, मोटरबोट पलटने से 10 की मौत

