गुरुर। विकासखंड में चना खरीदी के दौरान कथित अनियमितताओं और ग्रेडिंग के नाम पर किसानों से राशि वसूली के आरोप एक बार फिर सामने आए हैं। बुधवार को बासीन, सनौद और फागुनदाह क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन किसान विधायक संगीता सिन्हा से मिलकर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।
किसानों का आरोप है कि चना विक्रय के लिए उन्हें ग्रेडिंग के नाम पर जबरन राशि देनी पड़ रही है। शिकायत के अनुसार, प्रति किसान चना की मात्रा के आधार पर न्यूनतम 500 रुपये से लेकर अधिकतम 2000 रुपये तक की वसूली की जा रही है। किसानों ने बताया कि यदि वे राशि नहीं देते हैं, तो उनके चने में विभिन्न खामियां बताकर उसे अमानक घोषित कर खरीदी से मना कर दिया जाता है, जबकि बाद में वही चना खरीदा भी जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी विधायक संगीता सिन्हा ने ग्राम अरमरीकला में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में इस मुद्दे को सार्वजनिक मंच से उठाया था। बावजूद इसके, समस्या समाप्त होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश से आए ग्रेडरों द्वारा मनमानी की जा रही है। ग्रेडिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और समिति की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा रही है।
हालांकि, पलारी समिति प्रबंधक चन्द्रशेखर ने इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि ग्रेडिंग का कार्य समिति द्वारा नहीं, बल्कि बाहरी ग्रेडरों द्वारा किया जाता है और उन्हें इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वहीं फागुनदाह समिति प्रबंधक राजेश्वर राव ने भी कहा कि उनके पास अब तक किसी किसान ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
इस पूरे मामले पर विधायक संगीता सिन्हा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसान लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को पहले खाद के लिए भटकना पड़ा, धान खरीदी में भी समस्याएं आईं और अब चना खरीदी में भी परेशानियां सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नाम मात्र की खरीदी कर अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि पंजीकृत किसानों की संख्या अधिक है और उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं ग्रेडर हेमंत झा और ऋषभ शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पहली बार इस केंद्र में ग्रेडिंग करने आए हैं और किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही चना खरीदी की जा रही है।
मामले में लगातार सामने आ रही शिकायतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं और किसानों को राहत कब तक मिलती है।
गुरुर। चना खरीदी में गड़बड़ी का आरोप, आधा दर्जन किसानों ने विधायक से की शिकायत

