गुरुर।“बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, छोटी बचत ही बड़ा सहारा बनता है।” इसी कहावत को साकार करते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिरई की छात्राओं ने एक सराहनीय पहल की है।
विद्यालय की कक्षा सातवीं एवं आठवीं की छात्राओं ने प्रतिदिन मात्र एक रुपये की बचत कर एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल संस्कृत विषय के “राष्ट्रीय संचय:” पाठ से प्रेरित होकर प्रारंभ की गई।
छात्राओं ने न केवल स्वयं बचत की आदत अपनाई, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी इसके महत्व के प्रति जागरूक किया। इस छोटी सी शुरुआत ने पूरे विद्यालय में सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का वातावरण निर्मित किया है।
एकत्रित धनराशि का उपयोग भी छात्राओं ने सेवा भाव के साथ करते हुए विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए न्यौता भोज आयोजित कर किया, जो उनकी सामूहिकता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
विद्यालय प्रबंधन समिति, ग्रामवासियों एवं शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास भविष्य में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस प्रेरणादायक पहल में मार्गदर्शक शिक्षक मौसमी साहू, मुकेश साहू एवं जगजीवन साहू का विशेष योगदान रहा। इस संबंध में जानकारी प्रधान पाठक अरुण कुमार साहू ने दी।

