ईरान के ड्रोन हमले से कुवैत और इजरायल में तनाव, विश्वविद्यालयों और तेल परिसरों को नुकसान

ईरान के ड्रोन हमले से कुवैत के शुवैख तेल परिसर में सोमवार (5 अप्रैल) को आग लग गई है, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है. कुवैत की सरकारी मीडिया ने बताया कि ड्रोन हमले से शुवैख तेल क्षेत्र परिसर में आग लग गई. कुवैत का कहना है कि ईरानी ड्रोन हमले से सरकारी कार्यालय परिसर को काफी नुकसान हुआ है. वहीं दूसरी ओर इजरायली सेना का कहना है कि ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं. एक बयान में सेना ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाले खतरे को रोक दिया. केयूएनए समाचार एजेंसी ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और अल जज़ीरा के अनुसार अग्निशमन और आपातकालीन दल घटना स्थल पर पहुंचने में जुटे हुए थे.ईरान के विज्ञान मंत्री हुसैन सिमाई सरफ ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के 30 विश्वविद्यालय प्रभावित हुए हैं. अल जज़ीरा के अनुसार शुक्रवार को हुए हवाई हमले में शाहिद बेहेश्टी विश्वविद्यालय का लेजर और प्लाज्मा अनुसंधान केंद्र क्षतिग्रस्त हो गया. सरफ ने कहा कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 30 विश्वविद्यालयों के हिस्से अमेरिका और इजरायल के हमलों से प्रभावित हुए हैं. इजरायल की आगामी हवाई हमलों की चेतावनी के बाद सीरिया ने सीमा चौकी अस्थायी रूप से बंद की. आईडीएफ की चेतावनी के बाद सीरियाई सीमा चौकी और सीमा शुल्क प्राधिकरण ने कहा कि वह चौकी को अस्थायी रूप से बंद कर देगा. एजेंसी ने बताया कि सीरियाई सीमा पर स्थित मस्ना क्रॉसिंग जिसे जदेइदेत याबूस के नाम से जाना जाता है वो केवल नागरिकों के आवागमन के लिए निर्धारित है.सीएनएन के अनुसार, सीमा प्राधिकरण ने कहा, “इसका उपयोग किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता है. यहां किसी भी सशस्त्र समूह या मिलिशिया की उपस्थिति नहीं है और नागरिक और कानूनी ढांचे से बाहर किसी भी गतिविधि के लिए इसका उपयोग करने की अनुमति नहीं है.”

 

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