अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग और भीषण होती दिख रही है. होर्मुज को लेकर यूएस-तेहरान के बीच टकराव तेज हो गया है. बीते दिन (5 अप्रैल) को डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ अपमानजनक और तीखी बयानबाजी की गई. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की चेतावनी दी. ट्रंप ने कहा कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो वह ईरान को तबाह कर सकता है. उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की नई डेडलाइन भी तय कर दी है.ट्रंप ने ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा कि अगर ईरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हुआ तो अमेरिका पूरा देश तबाह कर सकता है. उन्होंने पावर प्लांट और ब्रिज को भी निशाना बनाए जाने के संकेत दिए. वहीं, होर्मुज स्ट्रेट को खोले जाने की समय सीमा को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार शाम तक का नया अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा, ‘तेहरान के पास समझौता करने के लिए काफी समय है,
अगर ऐसा नहीं किया गया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर होने वाले संभावित हमले का समय साझा किया है. उन्होंने लिखा, ‘मंगलवार, पूर्वी समयानुसार रात 8:00 बजे!’भारतीय समयानुसार यह बुधवार (8 अप्रैल) की सुबह का समय होगा.इससे पहले ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमला करने की धमकी दी थी. ट्रंप ने रविवार (5 अप्रैल) सुबह सोशल मीडिया पोस्ट पर एक पोस्ट में लिखा, अगर होर्मुज ऑफ स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले किए जाएंगे. ट्रंप ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि अगर जलमार्ग को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान को ‘नरक बना दिया जाएगा’.वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, आपके (ट्रंप) लापरवाह कदम अमेरिका को हर परिवार के लिए जीते-जी नरक में धकेल रहे हैं. हमारा पूरा क्षेत्र जलने वाला है क्योंकि आप नेतन्याहू के आदेशों का पालन करने पर अड़े हैं. यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दें, युद्ध अपराधों से आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा, इसका एकमात्र वास्तविक समाधान ईरानी जनता के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक युद्ध को समाप्त करना है

