देशभर के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है. आने वाले कुछ दिनों में मौसम की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है. हालांकि इनका प्रभाव सब जगह एक समान नहीं होगा. ये वेदर सिस्टम आमतौर पर कहीं कहीं असर डालते हैं, जिसका मतलब है कि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान आ सकते हैं, जबकि आस-पास के क्षेत्र काफी हद तक अप्रभावित रह सकते हैं.भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते भूमध्य सागर से नमी ले जाने वाला मौसम तंत्र विकसित हो रहा है,
जो उत्तर भारत में बारिश, गरज और ओलावृष्टि का कारण बनेगा. गुरुग्राम, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां आज सोमवार (6 अप्रैल) की रात आंधी-तूफान और बारिश की सबसे अधिक संभावना है.गुरुग्राम में 4 अप्रैल को तेज आंधी-तूफान के बादल बने और कम समय में ही तेज बारिश हुई और ओले भी गिरे. आज रात भी ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है. एनसीआर के लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्से में बारिश न होने की उम्मीद है. IMD के मुताबिक पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ रहा है और इस कारण 7-9 अप्रैल के बीच देश के विशाल भू-भाग में भीषण ओलावृष्टि की आशंका है.मौसम विभाग के मुताबिक इससे राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तर पूर्वी भारत काफी प्रभावित होगा, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 30 से 40 प्रतिशत है.जिन किसानों की गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, उन्हें 6 अप्रैल तक अपनी फसल काटने की सलाह दी गई है. पिछली आपदा से पहले ही भारी नुकसान हो चुका है. 3 और 4 अप्रैल को गिरे ओलों ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गेहूं के खेतों को तबाह कर दिया है. इस बार उससे भी बड़ी आपदा आने वाली है.
मौसम अलर्ट: पश्चिमी विक्षोभ से देशभर में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

