असम, केरलम और पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई. शाम 6 बजे तक पुडुचेरी में 89.87 फीसदी, असम में 85.91 फीसदी और केरलम में 78.27 फीसदी मतदान हुआ. बंपर वोटिंग के बाद अब उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई है. अब लोगों को बंगाल चुनाव और तमिलनाडु में होने वाले मतदान का इंतजार है.पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोलकाता पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है. कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रात 10 बजे से 2 बजे तक सड़कों पर गश्त करने के निर्देश दिए हैं. गुरुवार को आयोजित बैठक में पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे रात के समय क्षेत्रों में सक्रिय रूप से मौजूद रहें और निरीक्षण करें. उन्होंने चुनाव से जुड़े सभी मामलों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि घटनाओं की गंभीरता समझकर तुरंत आवश्यक निर्देश दिए जा सकें.पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा.
कोलकाता की 11 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. फिलहाल राज्य की पुलिस व्यवस्था चुनाव आयोग के नियंत्रण में है.इस बीच, भवानीपुर में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान हुई अशांति के बाद चुनाव आयोग ने पुलिस आयुक्त से कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता पर सवाल भी किया था. इसके बाद अजय नंद ने लालबाजार मुख्यालय में अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष बैठक की. गौरतलब है कि चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने सुप्रतिम सरकार को कोलकाता पुलिस आयुक्त पद से हटाकर अजय नंद की नियुक्ति की थी.असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि खासकर हिंदू और स्वदेशी समुदायों में दिखा उत्साह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मतदान संपन्न होने के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि स्थानीय और स्वदेशी मतदाताओं में भागीदारी में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि ऐसी सक्रिय भागीदारी चुनावी प्रणाली को मजबूत करती है और शासन में जनता के भरोसे को दर्शाती है.मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ज्यादा मतदान से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी और इससे अधिक प्रतिनिधित्व वाली सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजे राज्य की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाएंगे, क्योंकि इस बार असम में हाल के वर्षों के सबसे ज्यादा भागीदारी वाले चुनावों में से एक देखा गया. चुनाव आयोग के अनुसार, असम में इस बार 85.38 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है. अधिकारियों ने मतदान को कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बताया, जहां केवल कुछ स्थानों से मामूली घटनाएं सामने आईं. प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, महिला मतदाताओं (85.96 प्रतिशत) की भागीदारी पुरुषों (84.80 प्रतिशत) से थोड़ी अधिक रही, जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं का प्रतिशत 36.84 रहा.
असम, केरलम और पुडुचेरी में बंपर वोटिंग, रिकॉर्ड मतदान के साथ EVM में बंद हुई उम्मीदवारों की किस्मत

