
*भूपेश सरकार ने किया भूमिपूजन, भाजपा राज में फंड अटका, 4.65 करोड़ का कॉलेज भवन अधूरा*
– गुरुर ब्लाक के बासीन गांव का कॉलेज बना सियासी शिकार
– छात्रों के सपनों पर फंड का ताला, कॉलेज भवन का निर्माण बंद
– सरकार बदली, फंड अटका, बीच में ही ठप पड़ गया निर्माण
गुरुर-बालोद
बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के ग्राम बासीन में बनने वाला शासकीय महाविद्यालय भवन आज सरकारी दावों और राजनीतिक वादों के बीच फंसकर अधूरा खड़ा है। 4 करोड़ 65 लाख 84 हजार रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन को वित्तीय वर्ष 2023-24 में नाबार्ड पोषित योजना के तहत स्वीकृति मिली थी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बड़े उत्साह के साथ इसकी घोषणा की, भूमिपूजन कराया और जल्द निर्माण पूरा करने का दावा किया, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना फाइलों में उलझकर रह गई।
बता दें कि महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, प्रभारी मंत्री उमेश पटेल और स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा की मौजूदगी में हुआ था। प्रदेश के 17 स्थानों पर नाबार्ड योजना के तहत स्वीकृत भवनों में बासीन भी शामिल था। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक महाविद्यालय भवन मिलेगा, लेकिन आज वहां केवल अधूरा ढांचा खड़ा दिखाई देता है।
*भुगतान नहीं मिलने के कारण काम बंद हुआ*
बालोद जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पूरनलाल साहू ने बताया कि शिवहरे कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण का ठेका मिला था। कंपनी ने अपने संसाधनों से काम शुरू किया और डीपीसी स्तर तक निर्माण भी कर दिया, लेकिन विभाग से भुगतान नहीं मिलने के कारण काम पूरी तरह ठप हो गया। उनका कहना है कि ठेकेदार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और मजबूर होकर निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ना पड़ा। भवन निर्माण शुरू कराने लगातार पत्र लिख रहा हूं।
*अनुपूरक बजट में शामिल करने का किया वादा*
पूरनलाल साहू ने बताया जब बालोद में आयोजित साहू समाज के कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री अरुण साव शामिल होने आए थे, तब पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और वर्तमान मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों से जानकारी ली तो सामने आया कि नाबार्ड से लोक निर्माण विभाग को राशि ही प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण भुगतान जारी नहीं किया जा सका। अरुण साव ने कहा कि अब इस राशि को अनुपूरक बजट में शामिल किए जाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया संभव होगी।
*संगीता सिन्हा ने विधानसभा में उठाया मुद्दा*
स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा ने भी इस मामले को विधानसभा में उठाया। वहां भी सरकार की ओर से यही जानकारी दी गई कि लोक निर्माण विभाग को फंड जारी नहीं हुआ है। इससे साफ है कि करोड़ों रुपये की योजना केवल कागजों और घोषणाओं तक सीमित होकर रह गई है। क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार बदलते ही महत्वाकांक्षी परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण भवन राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ गया। आधा-अधूरा निर्माण आज प्रशासनिक उदासीनता और सरकारी लापरवाही की गवाही दे रहा है।
*ग्रामीणों ने की जल्द निर्माण शुरू करने की मांग*
बालोद जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पूरनलाल साहू ने कहा कि बासीन का शासकीय विद्यालय बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। वहीं कांग्रेस नेताओं व ग्रामीणों ने राज्य सरकार, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल राशि जारी कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो यह अधूरा भवन केवल अधूरे वादों का प्रतीक बनकर रह जाएगा और इसका सबसे बड़ा नुकसान क्षेत्र के विद्यार्थियों को उठाना पड़ेगा।
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