उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार, 9 सितंबर को बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन किया और अखिलेश यादव का पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर पिछड़े वर्ग के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एक बैठक के दौरान मौर्य, कुशवाहा और सैनी समाज के लोगों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
प्रकाश पाल ने सवाल उठाया कि क्या पिछड़ा वर्ग से आने वाले लोग अपनी बात रखने और फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं? उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के कथित बयानों से पिछड़ा समाज खुद को अपमानित महसूस कर रहा है।
इसी के विरोध में बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा और कुशवाहा समाज के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव के खिलाफ नारे लगाए और उनके पुतले का दहन किया।
प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके बयानों से पिछड़े और वंचित समाज में नाराजगी है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से भी अपील की कि वह अपने नेता के बयानों पर ध्यान दे।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पिछड़े समाज को लेकर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर और डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि पिछड़ा और वंचित समाज अब अपने सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
प्रकाश पाल ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नहीं, बल्कि पिछड़े समाज के सम्मान को लेकर है। उन्होंने अखिलेश यादव से अपने बयानों पर विचार करने और पिछड़े समाज के सम्मान का ध्यान रखने की मांग की।

