SIR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, राहुल गांधी से जुड़े मामले में तीखी टिप्पणी; चुनाव आयोग को नोटिस
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कई अहम मुद्दे उठे। अदालत में राहुल गांधी से जुड़े विवाद, सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए प्रदर्शन और महिला पत्रकारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला भी सामने आया। सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा। वहीं, कोर्ट परिसर में हुई गतिविधियों को लेकर भी तीखी टिप्पणियां की गईं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच अलग-अलग याचिकाओं के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।
कोर्ट परिसर में प्रदर्शन पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस घटना से वकील समुदाय आहत हुआ है और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को भी पत्र लिखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता। उन्होंने टिप्पणी की कि लोग बाहर कुछ भी कहते हैं, लेकिन अदालत के भीतर आने पर उनकी भाषा बदल जाती है।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं से जुड़े मामले में यह मुद्दा भी उठा कि विरोध प्रदर्शन की सीमाएं क्या होनी चाहिए और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा कैसे बनाए रखी जाए।
महिला पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर का मामला भी उठा
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने महिला पत्रकारों से जुड़ी पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान महिला पत्रकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और शिकायत करने के बाद एक महिला के खिलाफ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच पुलिस से अलग किसी स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए, क्योंकि पुलिस खुद अपने खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। उन्होंने महिला पत्रकारों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की मांग भी की।
इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार की ओर से संबंधित लोगों को गिरफ्तार नहीं करने की बात कही गई है, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। उन्होंने अदालत से पहले सरकार का जवाब देखने का आग्रह किया और कहा कि उसके बाद समिति गठित करने पर विचार किया जा सकता है।
SIR मामले में चुनाव आयोग को नोटिस
एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों से जवाब मांगा है। याचिका में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के 13 विपक्षी नेताओं से जुड़ी याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती दी गई है। अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानना चाहा है।
इस मामले का केंद्र यह है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही है या नहीं। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों और चुनाव आयोग के जवाब के आधार पर आगे की सुनवाई में इस पर विचार किया जाएगा।
ओवैसी की याचिका पर भी सुनवाई
एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच असदुद्दीन ओवैसी की याचिका का मुद्दा भी अदालत में उठा। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामले में केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अलग-अलग याचिकाओं में चुनाव आयोग की शक्तियों, मतदाता सूची में बदलाव और संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अदालत इन मामलों में संबंधित पक्षों का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
विपक्ष और बीजेपी के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी विरोध प्रदर्शनों के तरीके और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को लेकर विपक्ष पर निशाना साध रही है।
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की न्यायिक कार्यवाही पर निगाहें रहेंगी। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में किसी पक्ष के आरोपों को सही साबित नहीं करता। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत के आगे के आदेशों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही निकलेगा।

