Headlines

CJP के प्रदर्शन में हिंदू विरोधी नारों का आरोप, 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

गोवा में CJP के 300 प्रदर्शनकारियों पर FIR, ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारों पर विवाद

एंकर इंट्रो:

गोवा की राजधानी पणजी में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 11 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे लगाए जाने के आरोप में पुलिस ने करीब 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की दो धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। वहीं, इस मामले पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह चुके हैं। दूसरी तरफ, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सात लोगों को बॉम्बे हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद रिहा कर दिया गया था। आखिर पूरा मामला क्या है, आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में।

वीओ-1: 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR

गोवा के पणजी में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। 11 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ‘मुर्दाबाद, मुर्दाबाद, हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए। आरोप है कि इन नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश की गई।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 196 और 299 के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि, FIR दर्ज होने का मतलब आरोपों का साबित होना नहीं है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

वीओ-2: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

दरअसल, CJP का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए गए।

प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाया। इसी के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई थी।

लेकिन अब प्रदर्शन के दौरान लगाए गए कथित नारों को लेकर मामला पुलिस तक पहुंच गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ और कथित नारों के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।

वीओ-3: शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

इस मामले में तालेगांव निवासी रामप्रसाद केलकर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का एक वीडियो देखा था। उनका आरोप है कि वीडियो में प्रदर्शनकारियों को हिंदुत्व के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा जा सकता है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया कि प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया गया था, लेकिन वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियां इस दावे पर सवाल खड़े करती हैं।

पुलिस ने शिकायत और सामने आए आरोपों के आधार पर अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब जांच के दौरान वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी।

वीओ-4: अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आजाद मैदान पहुंचे थे प्रदर्शनकारी

इससे पहले 11 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान सात लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बताया गया कि जिला प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद ये प्रदर्शनकारी पणजी के आजाद मैदान में प्रवेश कर गए थे।

इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 11 अक्टूबर की देर शाम बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष बैठक की। सुनवाई के बाद हिरासत में लिए गए सातों प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।

इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और विरोध करने के अधिकार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

वीओ-5: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने क्या कहा?

वहीं, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पहले ही इस पूरे मामले की जांच की बात कह चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फिलहाल, पुलिस की जांच प्रदर्शन के दौरान लगाए गए कथित नारों और उनसे जुड़े आरोपों पर केंद्रित है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

आउट्रो:

कुल मिलाकर, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ CJP का प्रदर्शन अब कथित नारों को लेकर कानूनी विवाद में बदल गया है। एक तरफ पुलिस ने करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सात लोगों की रिहाई भी चर्चा में है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर रहेगी।

कैमरा पर्सन के साथ, [रिपोर्टर का नाम], [चैनल का नाम]।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *