क्या है CM विजय का रुख?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने परिसीमन के मुद्दे पर कहा है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता हासिल की है, उन्हें इसकी कीमत राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी के रूप में नहीं चुकानी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि तमिलनाडु समेत दक्षिणी राज्यों की संसद में मौजूदा हिस्सेदारी कम न हो।
इसी बीच तमिलनाडु सरकार ने तीसरे बच्चे के जन्म पर महिला सरकारी कर्मचारियों को भी 365 दिन की मातृत्व छुट्टी देने का फैसला किया है। पहले तीसरे बच्चे के लिए यह छुट्टी 12 सप्ताह तक सीमित थी। इस फैसले को राज्य में घटती प्रजनन दर और परिसीमन की बहस से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
परिसीमन पर बदल गया विजय का रुख?
विजय सरकार ने हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराया था, जिसमें लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को स्थायी रूप से बरकरार रखने और राज्यों की मौजूदा सीट हिस्सेदारी को सुरक्षित रखने की मांग की गई थी।
हालांकि, अब विजय के हालिया बयान में 543 सीटों को फ्रीज करने की मांग के बजाय तमिलनाडु के मौजूदा संसदीय प्रतिनिधित्व को कम नहीं करने की गारंटी पर ज्यादा जोर दिखाई दे रहा है। इसी बदलाव को लेकर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं और इसे उनके रुख में नरमी के तौर पर देखा जा रहा है।
यानी विजय का मूल मुद्दा अभी भी दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व की रक्षा करना है, लेकिन 543 सीटों को स्थायी रूप से फ्रीज करने की मांग और हालिया बयान के बीच अंतर ने राजनीतिक बहस को जरूर तेज कर दिया है।

