ट्रम्प की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया है कि तेहरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। ट्रम्प ने इस सैन्य अभियान को अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल की प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा उपलब्धियों में से एक बताया।
रिपब्लिकन पार्टी की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि उनका इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु ढांचे को निशाना बनाया है और अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू न कर सके।
मध्य पूर्व में बढ़ाना पड़ा अमेरिकी संसाधनों का इस्तेमाल
ट्रम्प ने बताया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को परमाणु खतरे को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस अभियान के कारण अमेरिका को मध्य पूर्व में अतिरिक्त संसाधन और ध्यान लगाना पड़ा।
ट्रम्प के मुताबिक, उस समय अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना आर्थिक प्रभावों से ज्यादा महत्वपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि सैन्य अभियान समाप्त होने के बाद ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
ट्रम्प बोले- अभियान जल्द खत्म होगा
अपने भाषण में ट्रम्प ने कहा कि यह सैन्य अभियान जल्द समाप्त हो जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके बाद पेट्रोल की कीमतें पहले से नीचे आ सकती हैं। हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में वास्तविक बदलाव कई कारकों पर निर्भर करेगा, जिनमें मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक तेल आपूर्ति भी शामिल हैं।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू होने से रोकना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली अमेरिकी सरकारों को इस समस्या का समाधान पहले ही कर देना चाहिए था।
अमेरिकी सेना की ताकत का भी किया जिक्र
ट्रम्प ने अपने संबोधन में अमेरिकी रक्षा बजट और सैन्य क्षमताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार और रिपब्लिकन बहुमत वाली कांग्रेस ने सेना के लिए एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य ताकत देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। ट्रम्प ने ईरान से जुड़े अभियान के साथ वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से संबंधित अपनी विदेश नीति का भी जिक्र किया।
फिलहाल, ट्रम्प के बयानों के केंद्र में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराना है। उनके दावों के बीच सैन्य अभियान के वास्तविक परिणाम, ईरान की परमाणु क्षमताओं पर उसका असर और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति महत्वपूर्ण सवाल बने हुए हैं।

