मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, गोलीबारी में 3 घायल; दो गांवों में आगजनी से दहशत
मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटनाओं ने तनाव बढ़ा दिया है। कामजोंग जिले में गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग घायल हो गए, जबकि दो गांवों में आगजनी की खबर सामने आई है। हालात बिगड़ने के बाद कई ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर जंगलों और नजदीकी सेना शिविरों में शरण लेनी पड़ी।
पुलिस और अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार, 17 अक्टूबर की सुबह चस्साद इलाके में कुकी और नागा उग्रवादियों के बीच गोलीबारी हुई थी। इस घटना में 36 वर्षीय एक कुकी व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया।
अधिकारियों ने बताया कि कामजोंग जिले के पहाड़ी गांव चस्साद में कुकी समुदाय के कम से कम 15 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। कई ग्रामीणों ने जंगलों और पास के सेना शिविरों में शरण ली।
इसके बाद हुई गोलीबारी में तांगखुल नागा समुदाय के तीन लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, घायलों की पहचान टी. चिथुंग, एस. मालुंग और एम. शिथुंग के रूप में हुई है। तीनों को कामजोंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
NVG-EC ने असम राइफल्स पर लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नागा विलेज गार्ड-ईस्टर्न कमांड यानी NVG-EC ने एक बयान जारी कर भारतीय सेना के अर्धसैनिक बल असम राइफल्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संगठन का दावा है कि शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे कुकी उग्रवादियों ने कामजोंग मुख्यालय के रिहायशी इलाकों में भारी गोलीबारी की, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया।
NVG-EC ने आरोप लगाया कि चस्साद में तैनात 11 असम राइफल्स के जवानों ने कुकी उग्रवादियों की मदद की। संगठन के मुताबिक, जवान दो कैस्पिर वाहनों के साथ इलाके में आगे बढ़े और गोलीबारी की। साथ ही, रिहायशी इलाकों की तरफ स्टन बम भी दागे गए। बयान में दावा किया गया कि इन बमों से कुछ घरों और आसपास की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
हालांकि, ये आरोप NVG-EC की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और असम राइफल्स का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी जरूरी है।
सीमा के पास दो गांवों में आगजनी
हिंसा के बीच तांगखुल नागा समुदाय के स्किपे और पिलोंग गांवों में भी आग लगाए जाने की खबर है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दोनों गांव भारत-म्यांमार सीमा के नजदीक स्थित हैं।
फिलहाल, इन दोनों गांवों में आगजनी के दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। लेकिन लगातार हो रही गोलीबारी, आगजनी और पलायन की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मणिपुर के कामजोंग जिले में बिगड़ते हालात के बीच अब सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इलाके में तनाव के बीच प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

