दीपक देवदास || संवाददाता || बालोद
– स्थानीय निवासियों ने रोका काम, ठेकेदार के लोग फरार, ग्रामीण एफआईआर करे की कर रहे मांग
– नगर पंचायत प्रशासन को भी नहीं दी गई जानकारी, स्थानीय पार्षद नगर पालिका को देगी ज्ञापन
गुरुर
बालोद जिले के गुरुर नगर पंचायत के बाजार चौक में घोर अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही की एक और काली करतूत सामने आई है। बिना किसी अनुमति, बिना वर्क ऑर्डर और बिना नगर पंचायत की एनओसी के ठेकेदार ने अचानक बाजार चौक में खुदाई शुरू कर दी। यह जनता और नगर पंचायत के साथ सीधा धोखा है। जब स्थानीय नागरिकों ने ठेकेदार को घेरा और धमकाया, तब जाकर मजबूरन काम को रोकना पड़ा और भाग खड़े हुए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर पंचायत द्वारा बाजार चौक में शेड निर्माण का कोई टेंडर ही जारी नहीं किया गया है। ठेकेदार के पास न तो कोई वर्क ऑर्डर है और न ही नगर पंचायत से कोई मंजूरी। फिर भी ठेकेदार खुदाई करने में लगा हुआ था। यह साफ तौर पर नियमों की धज्जियां उड़ाने और प्रशासनिक मिलीभगत दिख रहा है। स्थानीय लोगों और नगर पंचायत के पार्षदों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश फैला हुआ है।
नगर पंचायत प्रशासन को जानकारी नहीं दी
स्थानीय जनप्रतिनिधि खुलकर कह रहे हैं कि मंडी बोर्ड ने इस काम को स्वीकृति तो दे दी, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन को जानबूझकर अंधेरे में रखा गया। न तो कोई सूचना दी गई, न कोई समन्वय किया गया। यह साजिश की बू आ रही है। मंडी बोर्ड के अफसर, इंजीनियर और ठेकेदार मिलकर स्तरहीन निर्माण कराकर पैसे हड़पने की तैयारी में थे। जनता के पैसे को लूटने की यह एक और कोशिश थी, जिसे स्थानीय नागरिकों ने समय रहते नाकाम बना दिया।
नगर पंचायत की संपत्ति पर बिना अनुमित खुदाई
यह घटना गुरुर नगर पंचायत की गरिमा पर सीधा हमला है। यहां का बाजार चौक पूरे क्षेत्र का व्यावसायिक केंद्र है। यहां बिना अनुमति खुदाई शुरू करना न सिर्फ जनता की सुविधा से खिलवाड़ है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है। अगर नागरिकों की सजगता न होती तो ठेकेदार मनमाने ढंग से काम पूरा करके लाखों-करोड़ों रुपये का घोटाला कर जाता। स्थानीय पार्षद अब इस पूरे मामले में नगर पंचायत प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
एफआईआर दर्ज कराने पार्षद देंगे ज्ञापन
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ठेकेदार पर तुरंत जुर्माना लगाया जाए, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और जो अधिकारी-कर्मचारी इस अनियमितता में शामिल हैं, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू की जाए। नगर पंचायत गुरुर के अफसरों को जवाब देना होगा कि आखिर मंडी बोर्ड के काम की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई? क्या यह जानबूझकर किया गया षड्यंत्र है? या मंडी बोर्ड खुद को नगर पंचायत से ऊपर समझता है? यह सवाल पूरे गुरुर की जनता पूछ रही है।
नगरीय प्रशासन से कार्रवाई की मांग करेंगे
लोगों का कहना है कि गुरुर के नागरिक अब चुप नहीं रहेंगे। वे नगरीय प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। अगर समय रहते दोषियों पर शिकंजा नहीं कसा गया तो यह एक बड़ा घोटाला बन सकता था। जनता की जीत हुई है, लेकिन सिस्टम की नाकामी एक बार फिर उजागर हो गई है। अब देखना यह है कि नगर पंचायत और मंडी बोर्ड इस मामले में क्या एक्शन लेता है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुर की जनता और जनप्रतिनिध सड़क पर उतरने को तैयार है।
ठेकेदार और इंजीनियर को बुलाया हूं
मंडी बोर्ड में ठेकेदार का टेंडर लगा है। शेड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। गड्ढा खोद दिए हैं उसे ठीक करने के लिए कहा हूं। ठेकेदार को बोला हूं कि मंडी बोर्ड के इंजीनियर को बुलाओ और दस्तावेज दिखाओ…। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दिक्कत थी तो पहले मंडी बोर्ड में आवेदन लगाना था। नगर पंचायत ने कोई वर्क आर्डर जारी नहीं किया गया है।
– श्रीनिवास पटेल, सीएमओ, नगर पंचायत गुरुर

