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मातृ दिवस पर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं महिला पत्रकारों ने मां के सम्मान में कहा कि मां त्याग, ममता और संस्कारों की सबसे बड़ी पहचान

संवाददाता|| दीपक देवदास || बालोद

मातृ दिवस पर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं महिला पत्रकारों ने मां के सम्मान में कहा कि मां त्याग, ममता और संस्कारों की सबसे बड़ी पहचान

गुरुर। मातृ दिवस के अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, महिला समाजसेवियों एवं पत्रकारों ने मां के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्हें परिवार और समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया। सभी ने कहा कि मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है और उनके त्याग, समर्पण एवं स्नेह का कोई मूल्य नहीं लगाया जा सकता। इस अवसर पर लोगों ने अपनी माताओं को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन की पहली गुरु होती है। मां अपने बच्चों को संस्कार, अनुशासन और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि मां के आशीर्वाद से ही व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करता है। मां का त्याग और समर्पण पूरे परिवार को मजबूत बनाता है।
जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने कहा कि मां का प्रेम निस्वार्थ होता है। मां अपने बच्चों की खुशी के लिए हर कठिनाई सहन करती है और कभी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटती। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हमें माताओं के सम्मान और सेवा का संकल्प लेना चाहिए तथा परिवार में उनके योगदान को समझना चाहिए।
नगर पंचायत उपाध्यक्ष कुंती ताम्रज सिन्हा ने कहा कि मां परिवार की नींव होती है। मां के संस्कार ही बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि मातृ दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि हर दिन मां के सम्मान और सेवा का अवसर होना चाहिए।

जनपद सभापति संध्या अजेंद्र साहू ने कहा कि मां की ममता संसार की सबसे बड़ी शक्ति है। मां अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखती है और बिना किसी स्वार्थ के पूरे परिवार की देखभाल करती है। उन्होंने कहा कि मां के चरणों में ही सच्चा स्वर्ग होता है।

सरपंच दिनेश्वरी पन्नालाल सिंहा ने कहा कि मां समाज और परिवार को जोड़कर रखने वाली सबसे मजबूत कड़ी होती है। मां अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर समाज को बेहतर दिशा देने का कार्य करती है। मातृ दिवस हमें मां के प्रति अपने कर्तव्यों को याद दिलाता है।

डॉ. शिवानी ने कहा कि मां अपने परिवार के स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए हमेशा चिंतित रहती है। वह बच्चों के पालन-पोषण से लेकर उनके उज्ज्वल भविष्य तक हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाती है। मां के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

महिला पत्रकार मधु सागर ने कहा कि मां का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों को प्रेरित करती है और कठिन समय में हिम्मत देती है। उन्होंने कहा कि मां के संघर्ष और त्याग को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

महिला पत्रकार मघु सागर, ज्योति देवदास ने कहा कि मां परिवार की आत्मा होती है। मां अपने बच्चों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहती है और परिवार को प्रेम एवं संस्कारों से जोड़कर रखती है। उन्होंने कहा कि मातृ दिवस हमें मां के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करने का अवसर देता है।

मातृ दिवस के अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों एवं महिलाओं ने लोगों से अपनी माताओं का सम्मान करने, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने और परिवार में उनके योगदान को सदैव याद रखने की अपील की।

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