गुरुर।
गुरुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत खुंदनी में 14 लाख रुपए के निर्माण कार्य को लेकर भाजपा-कांग्रेस के नेताओं में श्रेय की लड़ाई शुरू हो गई है। गौरवपथ सीसी रोड का निर्माण शुरू होने के चार दिन बाद भूमिपूजन किया गया है। वहीं कांग्रेसियों को कहना है कि इस काम का भूमिपूजन पहले किया जा चुका है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह काम कांग्रेस कार्यकाल में पास हुआ और काम भी शुरू हो गया था। ठेकेदार के काम छोड़ने से कुछ हिस्सा बचा था, जिसे दोबारा टेंडर करके किया जा रहा है। भाजपाई जबरिया भूमिपूजन करके श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस के सेक्टर अध्यक्ष टेसू साहू ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में तात्कालीन गृहमंत्री व पीडब्ल्यू मंत्री ताम्रध्वज साहू ने गौरवपथ का मार्ग को स्वीकृत किया था। उसका भूमिपूजन भी हो गया था। कुछ काम भी हो गया था, बचे काम को श्रेय लेने के लिए निर्माण के चार दिन बाद फिर भूमिपूजन किया गया। इसमें कुछ भाजपा के लोग शामिल हुए। टेसू साहू ने कहा कि पुराने निर्माण का भूमिपूजन क्यों किया जा रहा है यह पूछने पर भाजपा नेता आजेन्द्र साहू धमकी देने लगा। उन्होंने कहा कि काम को मैं लाया हूं…। हमने लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से कहकर काम शुरू करवाया है। भाजपा नेता आजेन्द साहू बदतमीजी करने लगा। उन्होंने धक्का देकर भूमिपूजन स्थल से जाने को कह दिया।
यह पूरा काम कांग्रेस के समय का
युवा कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मोनू ठाकुर ने कहा कि मातर के समय ताम्रध्वज साहू खुंदनी गांव आए थे। उनसे गांव में सीसी रोड की मांग किए। स्वीकृति भी मिल गई। काम को चार भाग ए, बी, सी, डी में कराया गया। तीन काम ठेकेदार ने पूरा कर दिया, जबकि डी भाग को छोड़ दिया। लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार को समय दिया, लेकिन वह नहीं किया, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने उन्हें ब्लैक लिस्टेट करके बचे काम के लिए दोबारा टेंडर निकाला। बालोद के गोयल फर्म को टेंडर मिला। 222 मीटर गौरव पथ का निर्माण किया गया है। यह काम कांग्रेस के समय स्वीकृत हुआ था।
सरपंच को फोन पर धमका रहा था
भाजपा नेता आजेन्द साहू ने बताया कि टेसू साहू आए और वहां हंगामा करने लगा। इसके पहले सरपंच को फोन पर धमका रहा था। मैंने कहा कि खुंदनी के सरपंच को क्यों धमका रहे हो। कुछ बात है तो सामने आकर चर्चा कर लो। वह कुछ देर में आया और आक्रोशित हो गया। उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया। आजेन्द साहू ने बताया कि किसी भी काम का भूमिपूजन नहीं किया गया है। गांव में कोई अच्छा काम होता है तो उसके पहले नारियल फोड़ने और अगरबत्ती जलाते हैं। वैसा ही किया गया है। कोई कार्यक्रम नहीं था। न कोई पंडाल लगा और न माइक…। किसी भी तरह का विवाद भी नहीं हुआ है।

