बालोद जिले को ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ में शामिल किए जाने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार
बालोद जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा – बालोद के विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा अभियान
गुरुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित किए जा रहे महत्वाकांक्षी ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ में बालोद जिले को शामिल किए जाने पर प्रदेश जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति हार्दिक आभार और धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बालोद जिले के सर्वांगीण विकास, सुशासन को मजबूत बनाने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है।
चेमन देशमुख ने अपने जारी वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। सरकार की मंशा केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को लेकर ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ प्रारंभ किया गया है, जो शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने के साथ-साथ सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाएगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं की जमीनी स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। बालोद जिले को इस अभियान में शामिल किए जाने से जिले के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
चेमन देशमुख ने बताया कि अभियान के अंतर्गत शासन की 31 महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं को विशेष रूप से मॉनिटर किया जाएगा। इनमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, आवास तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि बालोद एक कृषि प्रधान जिला है, जहां बड़ी संख्या में किसान परिवार निवास करते हैं। ऐसे में इस अभियान के माध्यम से किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं, अनुदान, सिंचाई सुविधाओं, फसल सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य सरकारी सहायता का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तकनीक आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी प्रकार की लापरवाही, विलंब या अनियमितता की जानकारी तत्काल प्राप्त होगी और उसका त्वरित निराकरण किया जा सकेगा। यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के साथ-साथ जनता का शासन के प्रति विश्वास भी बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सरकारी योजनाओं की वास्तविक प्रगति और प्रभाव का आकलन करने में भी सहायक होगा। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों में कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत होगी।
चेमन देशमुख ने कहा कि इससे पहले राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं को जनता का व्यापक समर्थन और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्हीं सफल प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ को लागू किया गया है, जिससे प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की गति और अधिक तेज होगी। बालोद जिले को इस अभियान में शामिल किए जाने से यहां के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों को गति देना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। जब योजनाओं का लाभ सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचेगा, तब समाज के कमजोर और वंचित वर्गों का सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा। यही किसी भी जनकल्याणकारी सरकार की सबसे बड़ी सफलता होती है।
चेमन देशमुख ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में सुशासन, विकास और जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। बालोद जिले की जनता को भी इस अभियान से बड़ी उम्मीदें हैं और यह निर्णय जिले के विकास के नए अध्याय की शुरुआत साबित होगा।
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं प्रदेश सरकार के प्रति पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बालोद जिले को ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ में शामिल करना जनता के हित में लिया गया एक दूरदर्शी निर्णय है, जिसका लाभ आने वाले समय में जिले के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचेगा और बालोद विकास की नई मिसाल स्थापित करेगा।

