NTA पर बड़ी कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव का हमला, बोले- ‘सिर्फ़ खांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलिए’
नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों पर कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे सिस्टम में बदलाव की जरूरत है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने शायरी वाले अंदाज में लिखा, “जब बचा रहेगा आका, तो पड़ता रहेगा डाका! दिखाने के लिए सिर्फ़ ‘खांचा’ नहीं, पूरा का पूरा ‘ढांचा’ बदलना चाहिए।” उनका इशारा पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने और शीर्ष स्तर पर कार्रवाई की ओर था।
47 अधिकारियों की बर्खास्तगी, NTA में होगा बड़ा बदलाव
सीजेपी के आंदोलन और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए NTA के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इससे पहले दो शिक्षा सचिवों को भी उनके पदों से हटाया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। अगले महीने NTA का व्यापक पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत परीक्षा प्रबंधन, कार्यप्रणाली और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे, ताकि भविष्य में परीक्षाएं अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई जा सकें।
विपक्ष ने उठाए सवाल
सरकार की कार्रवाई के बावजूद विपक्ष इसे पर्याप्त नहीं मान रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि सिर्फ अधिकारियों को हटाने से समस्या खत्म नहीं होगी। उनका कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी इस्तीफा देना चाहिए और पूरे परीक्षा तंत्र में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि जब तक व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।

