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पेपर लीक बिल को लेकर अखिलेश-रिजिजू आमने-सामने

एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में घमासान, अखिलेश और रिजिजू आमने-सामने

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और पेपर लीक रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आपातकाल का मुद्दा उठाकर विपक्ष पर पलटवार किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश का युवा आज परेशान और नाराज है। सरकार को सोचना चाहिए कि कहीं युवाओं की नाराजगी भविष्य में उसके लिए बड़ी चुनौती न बन जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2024 में एंटी पेपर लीक कानून बनाया गया था, तो दोबारा नए कानून की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।

अखिलेश के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आंदोलन के बाद कानून बनाना बेहतर है या आंदोलन को दबाने के लिए देश में आपातकाल लगाना। रिजिजू के इस बयान के बाद सदन में माहौल गरमा गया।

वहीं अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने आपातकाल का दौर नहीं देखा, लेकिन दिल्ली में हाल के दिनों में जो हालात बने, वे किसी इमरजेंसी से कम नहीं थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, आंसू गैस और रास्तों पर लगाए गए अवरोधों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बड़ी संख्या में प्राथमिक स्कूल बंद हुए हैं और उत्तर प्रदेश में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे युवाओं के साथ अन्याय हुआ है।

सपा प्रमुख ने नीट समेत अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने नीट विवाद से जुड़े छात्रों के लिए मुआवजे की मांग भी दोहराई।

इसके अलावा अखिलेश यादव ने मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार नई यूनिवर्सिटी बनाने के बजाय पहले से मौजूद संस्थानों को कमजोर करने का काम कर रही है।

अपने भाषण के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को शिक्षा और विकास पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि युवाओं और गरीब परिवारों के बच्चों पर नीतियों का सबसे ज्यादा असर पड़ता है। वहीं सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया।

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