प्रशांत किशोर ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और गबन के मामले में कार्रवाई की मांग की है। राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति के बाद इस मुद्दे पर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। अब जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने भी सरकार से सवाल पूछा है।
बिहार के गयाजी में एक कार्यक्रम में पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा कि सिर्फ नए व्यक्ति की नियुक्ति से मामला खत्म नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर में चोरी और गबन के जो आरोप सामने आए हैं, उन पर क्या कार्रवाई हुई।
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी के आरोप हैं तो उनकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
दरअसल, रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किए जाने के बाद से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में अब प्रशांत किशोर ने भी सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है।
जीडीपी के आंकड़ों पर भी सरकार को घेरा
प्रशांत किशोर ने देश की जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले जीडीपी के आंकड़ों पर विशेषज्ञ गंभीर सवाल उठाते रहे हैं।
पीके के मुताबिक, सरकार आर्थिक स्थिति बेहतर होने का दावा कर रही है, लेकिन आम लोगों की जिंदगी में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है और मजदूर, किसान और छात्रों को भी अपनी स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी तंज
प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों की स्थिति तभी बेहतर होगी, जब राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के समाज और सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा को वह महत्व नहीं मिला है, जो मिलना चाहिए।

