आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव पर जगन मोहन रेड्डी का हमला, बोले- लोकतंत्र की हो रही हत्या!
आंध्र प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी यानी YSRCP के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है, उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और उनके साथ मारपीट की घटनाएं भी हो रही हैं। जगन मोहन रेड्डी ने इन घटनाओं को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।
जगन मोहन रेड्डी ने सवाल उठाया कि क्या आंध्र प्रदेश में संविधान और कानून का शासन कायम है? उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से ही रोका जाएगा, तो फिर निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे संभव होंगे? उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने की मांग की।
राज्य चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या आयोग निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है? जब विपक्षी उम्मीदवारों को धमकियां मिल रही हैं और उन पर हमले हो रहे हैं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
जगन मोहन रेड्डी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों को सुरक्षा देने में पुलिस क्यों नाकाम हो रही है? उनका आरोप है कि मौजूदा हालात में विपक्षी दलों के लिए चुनाव लड़ना मुश्किल बनाया जा रहा है।
सांसद पी.वी. मिथुन पर हमले का भी उठाया मुद्दा
जगन मोहन रेड्डी ने राजमपेट के सांसद पी.वी. मिथुन पर कथित हमले का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या आंध्र प्रदेश में विपक्षी नेताओं और उम्मीदवारों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और उम्मीदवार को चुनाव लड़ने का उचित अवसर मिलना चाहिए। अगर उम्मीदवारों को डराया-धमकाया जाएगा और उन पर हमले होंगे, तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
28 अक्टूबर को मतदान, नामांकन का अंतिम दिन
आंध्र प्रदेश में नगर निकाय चुनावों को लेकर 18 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। इसके बाद 19 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होनी है। चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक, 28 अक्टूबर को मतदान होना है।
चुनाव के तहत 13 नगर निगमों और 87 नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों सहित कुल 100 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
नामांकन के अंतिम दिन जगन मोहन रेड्डी के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच राज्य चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को धमकाने और चुनाव लड़ने से रोकने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

