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पेलेट गन पर रोक की मांग पर केंद्र को SC का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन SOP पर केंद्र से मांगा जवाब, पूरी रोक के संकेत नहीं

एंकर:
पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने साफ किया कि पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाना संभव नहीं हो सकता, लेकिन इसके इस्तेमाल के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP पर विचार किया जाएगा।

वीओ:
सुप्रीम कोर्ट में भीड़ नियंत्रण के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि दो घायल लोगों ने यह याचिका दायर की है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा नियमावली परिस्थितियों के अनुसार पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति देती है। यदि इन नियमों को चुनौती देनी है, तो उसके लिए उचित याचिका दायर करनी होगी। मौजूदा याचिका में सीधे रोक लगाने की मांग की गई है।

वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत में कहा कि संबंधित मामले में रबर नहीं, बल्कि मेटल पैलेट का इस्तेमाल हुआ था और ऐसे मेटल पैलेट के इस्तेमाल पर रोक लगनी चाहिए।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मुद्दे पर विचार करने से इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन उचित कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि अदालत इस विषय में प्रोटोकॉल बनाने के सवाल पर भी विचार कर रही है।

वीओ:
सुनवाई के दौरान अदालत ने रामलीला मैदान में हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि ब्रिटिश शासन के समय गंभीर परिस्थितियों में सीने पर गोली मारने जैसी नीति थी, लेकिन अब हालात और कानून दोनों बदल चुके हैं।

वकील वृंदा ग्रोवर ने दलील दी कि दिल्ली पुलिस की नियमावली में पैलेट गन के इस्तेमाल का स्पष्ट प्रावधान दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि सरकार निश्चित रूप से युवा छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं करना चाहेगी।

इस पर कोर्ट ने कहा कि कई बार प्रदर्शन के दौरान उपद्रवी तत्व भी भीड़ में शामिल हो जाते हैं, इसलिए हर मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह मांग भी की गई कि पुलिस को दिए गए आदेश और संबंधित रिकॉर्ड अदालत के सामने पेश किए जाएं तथा उन्हें सुरक्षित रखा जाए।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दिया है और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी SOP पर विस्तृत जवाब मांगा है

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