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अनंत सिंह पर JDU का बड़ा एक्शन! उमेश कुशवाहा पहुंचे स्पीकर के पास, दिया ये बयान

अनंत सिंह की विधायकी खत्म कराने की तैयारी? JDU ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे सबूत

बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सोमवार, 26 अक्टूबर को बिहार विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष के सचिव को इस संबंध में अनुशंसा पत्र सौंपा।

उमेश कुशवाहा के मुताबिक, पत्र के साथ दस पन्नों के दस्तावेज और वीडियो साक्ष्य भी दिए गए हैं। पार्टी का आरोप है कि अनंत सिंह ने जेडीयू के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार किया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बयान दिए।

‘पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ कर रहे थे प्रचार’

जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि अनंत सिंह पार्टी के विधायक होने के बावजूद उसकी नीतियों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों के अनुरूप काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के विरोध में प्रचार किया और विरोधी दलों के उम्मीदवारों के नामांकन तथा अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया।

उमेश कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के खिलाफ गतिविधियों को देखते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जेडीयू में अनुशासन और पार्टी के सिद्धांतों को महत्व दिया जाता है।

नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देने का भी आरोप

जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयान दे रहे थे। उनके मुताबिक, पार्टी के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करना और विरोधी उम्मीदवारों के समर्थन में कार्यक्रमों में शामिल होना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है।

इन्हीं आरोपों के आधार पर पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की मांग रखी है। हालांकि, सदस्यता पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा।

अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद सियासत तेज

अनंत सिंह को जेडीयू से निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार तथा सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना साध रहे हैं।

वहीं, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने संगठन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार है।

अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर नजर

जेडीयू की ओर से अनुशंसा पत्र और कथित साक्ष्य सौंपे जाने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। पार्टी ने अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है, लेकिन केवल पार्टी से निष्कासन के आधार पर विधानसभा की सदस्यता अपने आप समाप्त नहीं होती। इस संबंध में फैसला लागू संवैधानिक प्रावधानों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

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