प्रदेश कैबिनेट द्वारा हरी झंडी के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी कर दिया है। इसके तहत शिक्षामित्रों को 10 हजार की जगह 18 हजार और अनुदेशकों का 09 की जगह 17 हजार महीने मानदेय दिया जाएगा। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात बनाए रखने के लिए वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनका मानदेय एक अप्रैल से बढ़ाते हुए दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह आरटीई के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात बनाए रखने के लिए वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनका मानदेय एक अप्रैल से बढ़ाते हुए दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह आरटीई के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशकों की तैनाती की गई थी। इन विद्यालयों में मुख्य विषयों भाषा, विज्ञान, गणित व सामाजिक विज्ञान के लिए न्यूनतम तीन शिक्षकों की व्यवस्था का मानक तय किया गया है। शिक्षक-छात्र अनुपात 1:35 भी बनाए रखने का निर्देश है। इस क्रम में सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में संविदा पर 24717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। इनको 9000 रुपये महीने, साल में 11 महीने मानदेय दिया जाता है। इसे बढ़ाकर 17 हजार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष फतेहपुर सुशील तिवारी, जिलाध्यक्ष लखनऊ हरिनाम सिंह, जिलाध्यक्ष सोनभद्र अशोक श्रीवास्तव आदि ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मिलकर मानदेय वृद्धि के लिए आभार जताया।

 

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