संवददाता – दीपक देवदास, बालोद
गुरुर। गौ माता के संरक्षण, सेवा और सम्मान को लेकर गुरुर क्षेत्र में चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत गुरुर बाजार चौक में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम ने गौ संरक्षण को लेकर एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है।
देऊर मंदिर से निकली भव्य रैली, गांव-गांव तक पहुंचा संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत देऊर मंदिर से भव्य रैली के साथ हुई। रैली में शामिल लोगों ने गौ माता के सम्मान में नारे लगाते हुए पूरे गांव का भ्रमण किया। इसके माध्यम से लोगों को गौ सेवा, संरक्षण और सम्मान के प्रति जागरूक किया गया। रैली गुरुर बाजार चौक पहुंचकर सभा में परिवर्तित हुई, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।
संत बालकदास भगवान का उद्बोधन: गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित करने की मांग
कौशल्या धाम पाटेश्वर के संत बालकदास भगवान ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रमुख मांगें रखते हुए कहा—
देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। गौ माता को “राष्ट्र माता, राष्ट्र धरोहर एवं राष्ट्र आधार” घोषित किया जाए। केंद्र स्तर पर गौ सेवा मंत्रालय का गठन किया जाए
27 अप्रैल और 27 जुलाई को ‘गौ सम्मान दिवस’ मनाने का आह्वान
संत बालकदास भगवान ने घोषणा की कि 27 अप्रैल 2026 और 27 जुलाई 2026 को पूरे भारत में “गौ सम्मान दिवस” मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि— 27 अप्रैल को हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा यह अभियान लोहारा से शुरू होकर देवरी, अर्जुन्दा, गुंडरदेही होते हुए बालोद में रैली और गुरुर में चर्चा के रूप में आयोजित होगा । छत्तीसगढ़ के सभी तहसीलों में इस अभियान को चलाया जाएगा। गुरुर क्षेत्र से 5000 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
जनजागरण के लिए विशेष अभियान
उन्होंने लोगों से अपील की कि— “गौ सम्मान दिवस” को सफल बनाने के लिए मेंहदी में लिखवाकर भी लोगों को प्रेरित करें। गांव-गांव में भजन-कीर्तन मंडलियां निकालकर गौ माता का गुणगान करें। पहले गौ सेवा करें, बाकी कार्य अपने आप सफल होंगे।
बड़े आंदोलन की चेतावनी: सरकार को दी समयसीमा
संत बालकदास भगवान ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा— यदि 26 जनवरी 2027 तक गौ हत्या बंद कर कानून नहीं बनाया गया, तो 26 फरवरी 2027 से देशभर के हर राज्य से 10-10 हजार लोग दिल्ली पहुंचकर आंदोलन करेंगे। यदि 15 अगस्त 2027 तक भी समाधान नहीं हुआ, तो संत समाज कठोर निर्णय लेते हुए दिल्ली में आमरण अनशन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गौ हत्या करने वालों को कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी का प्रावधान होना चाहिए।
कौशल्या धाम निर्माण कार्य जारी
इस दौरान जानकारी दी गई कि कौशल्या धाम का निर्माण कार्य भी निरंतर जारी है, जो भविष्य में गौ सेवा और धार्मिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगा।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
कौशल साहू, ईशा प्रकाश साहू, नंदकिशोर शर्मा, खेमलाल देवांगन, नरेश साहू, टुकेश्वर पांडे, मुकेश सोनबर, प्रदीप साहू, बंटी दास, गोपाल कुंभज, अमित सोनी, कमल नारायण साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गौ संरक्षण को लेकर जनआंदोलन की ओर बढ़ता अभियान
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए एक व्यापक सामाजिक आंदोलन की मजबूत नींव बनकर उभरा है, जिसमें लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

