रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस की बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए विधानसभा गेट के पास पहुंच गए हैं और वहीं धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
विरोध-प्रदर्शन के बीच विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। छात्रों की मांग है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वहीं, झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई महज दिखावा है और सरकार बिना चार्जशीट दाखिल किए उन्हें भी डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल सकती है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों का विरोध केवल JPSC तक सीमित नहीं है। उन्होंने JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में भी कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
बीजेपी नेता ने सरकार से JPSC के तीनों सदस्यों के साथ JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड अपने पास रखने वाले विनोद की गिरफ्तारी की भी मांग उठाई।
मरांडी ने JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित कर FIR दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच कराने की मांग की है।

