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CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद, कार्यक्रम रद्द; कांग्रेस ने जताया विरोध

चुनाव आयोग को लेकर देश में सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर विपक्ष ने सरकार और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस आज देशभर में चुनाव आयोग के दफ्तरों तक विरोध मार्च निकालने की तैयारी में है।

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के अभिजीत दीपके ने भी सीईसी को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफे की मांग की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

दूसरी ओर, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रही है और उसके आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है।

ज्ञानेश कुमार का कार्यक्रम स्थगित

इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मेरठ में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को ही लिया जा चुका था। आयोग ने इस फैसले को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखने से इनकार किया है।

एसआईआर को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाता पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने, मतदाता सूची के डेटाबेस, ईआरओ की कार्यप्रणाली और ECINet सिस्टम से जुड़े मुद्दों पर आपत्तियां सामने आई थीं।

विपक्ष ने क्या कदम उठाए?

कांग्रेस आज देशभर में चुनाव आयोग के दफ्तरों तक विरोध मार्च निकालने की तैयारी में है। बिहार में आरजेडी की ओर से सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।

इसके अलावा विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही जा रही है।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच में भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर याचिका दाखिल की गई है।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी।

वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित अवमानना के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर वकील ब्रजेश सिंह ने अटॉर्नी जनरल को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है।

बीजेपी का पलटवार

विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि फैसले बहुमत के आधार पर लिए गए हों।

उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति पर विचार करना चाहिए, न कि निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने चाहिए।

फिलहाल चुनाव आयोग, एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला संसद से लेकर अदालत तक और कितना आगे जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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