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पीएम मोदी बोले- राजनीति नहीं, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी से वडनगर की यात्रा पर निकले दल से बातचीत की। इस दौरान दल के सदस्यों ने यात्रा के दौरान मिले लोगों और उनके अनुभवों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया।

पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

वाराणसी से वडनगर जा रहे दल ने प्रधानमंत्री को बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें कई ऐसे लोगों से मिलने का मौका मिला, जिन्होंने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ के अपने अनुभव साझा किए।

यात्रा का एक किस्सा बताते हुए एक सदस्य ने कहा कि उन्नाव जिले में एक बुजुर्ग महिला ने उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं। जब उन्हें बताया गया कि वे मोदी जी के गांव वडनगर जा रहे हैं और लाभार्थियों से मिलते हुए उनका आशीर्वाद ले रहे हैं, तो महिला ने कहा कि मेरी तरफ से भी मोदी जी को धन्यवाद जरूर पहुंचा देना।

पीएम आवास से बदली जिंदगी

एक महिला लाभार्थी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले पक्के मकान का अनुभव साझा किया। महिला ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। एक दिन पुराना मकान अचानक गिर गया और उन्हें भी चोट लगी।

महिला ने कहा कि अगर उस समय पक्का मकान नहीं मिला होता तो उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि चोट लगने के बाद उनका इलाज मुफ्त में हुआ।

गंगाजल लेकर वडनगर जा रहा दल

प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के दौरान साथ ले जाए जा रहे गंगाजल को लेकर भी सवाल किया। इस पर कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे जिन-जिन जगहों पर पहुंचते हैं, वहां लोग कलश यात्रा में शामिल होते हैं और कलश को स्पर्श कर प्रार्थना करते हैं। स्थानीय लोग वहां का यमुना जल भी कलश में डालते हैं।

पीएम मोदी ने साझा किया अपना संदेश

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा के दौरान मिल रहे अनुभव बेहद महत्वपूर्ण हैं। लोगों से मिलना और उनकी जिंदगी के अनुभव सुनना जीवन में नई ऊर्जा देता है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विविधता को सिर्फ किताबों के जरिए नहीं समझा जा सकता। देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति, खान-पान और लोगों की जीवनशैली को करीब से जानने का अनुभव अलग ही होता है।

वहीं, झारखंड के प्रदीप मुखर्जी ने मध्य प्रदेश में सेवा यात्री के तौर पर अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि एक गांव में लोगों ने सम्मान के तौर पर उन्हें साफा पहनाया।

इस पर पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि कहीं आप हेलमेट की जगह साफा पहनकर बाइक तो नहीं चलाते हैं। प्रदीप मुखर्जी ने जवाब दिया कि साफा उन्हें अभी सम्मान के तौर पर पहनाया गया है।

प्रदीप मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिली प्रेरणा और उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के अनुभव उनके लिए बड़ी ताकत हैं।

उन्होंने मध्य प्रदेश के मैहर जिले का एक अनुभव भी साझा किया। प्रदीप ने बताया कि वहां उनकी मुलाकात एक महिला से हुई, जिसने आयुष्मान भारत योजना के जरिए अपनी पांच साल की भतीजी के इलाज की कहानी बताई।

महिला ने बताया कि बच्ची को कैंसर होने के बाद पूरा परिवार परेशान हो गया था। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना के तहत बच्ची का इलाज कराया गया और अब वह स्कूल जाने लगी है।

प्रदीप के मुताबिक, इस अनुभव को बताते हुए महिला भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि इस मदद को वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगी।

सेवा संकल्प अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही यात्राओं में ऐसे ही अनुभव सामने आ रहे हैं, जिन्हें यात्रा में शामिल लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा कर रहे हैं।

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