बिहार के जमुई कांड को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की और इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर में पीड़िता के परिजनों की पहचान स्पष्ट नजर आने के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कार्रवाई की मांग की।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान किसी भी माध्यम से उजागर नहीं की जा सकती। तेजस्वी के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत पीड़ित बच्चे का नाम, फोटो, पता, स्कूल या परिवार से जुड़ी ऐसी जानकारी सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है, जिससे उसकी पहचान सामने आए।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट से जारी तस्वीर में पीड़िता के परिजनों की पहचान उजागर हुई है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग की।
आरजेडी नेता ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘नासमझ’, ‘अनाड़ी’ और ‘कानून विरोधी’ बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कानून की रक्षा करने वाले ही उसके प्रावधानों का उल्लंघन करेंगे, तो कानून के पालन को लेकर सवाल खड़े होंगे।
तेजस्वी यादव ने आगे मुख्यमंत्री को ‘सातवीं फेल’ और ‘सात हत्याओं का आरोपी’ बताते हुए भी हमला बोला। हालांकि, ये तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
अब जमुई कांड में पीड़िता की पहचान से जुड़ी तस्वीर सार्वजनिक किए जाने को लेकर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और इस मामले में कोई कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर है।

