गोरखपुर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि युवाओं का जितना अधिक जुड़ाव खेलों से होगा, वे उतना ही नशे से दूर रहेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि आज युवा पीढ़ी दो तरह के नशे की चपेट में आ रही है। पहला ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों का नशा है, जबकि दूसरा स्मार्टफोन का नशा है। उन्होंने कहा कि नशा माफिया युवाओं को बर्बाद कर देश को कमजोर करना चाहता है। इसके खिलाफ हर जागरूक नागरिक और राष्ट्रभक्त को खड़ा होना होगा।
मुख्यमंत्री ने स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा स्मार्टफोन पर बिताए जाने वाले समय का बड़ा हिस्सा अनावश्यक होता है। अगर युवा अपने समय में से कुछ घंटे बचाकर रोजाना सिर्फ एक घंटा भी शरीर और खेल के लिए दें, तो उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क बनेगा और युवा देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन माफिया प्रवृत्ति है। शिक्षा माफिया, नकल माफिया, खेल माफिया या ड्रग माफिया—किसी भी तरह की माफिया गतिविधि का सबसे अधिक नुकसान युवाओं को होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है और जरूरत पड़ने पर उनकी संपत्तियां भी जब्त की जा रही हैं।
खेलों के जरिए युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश में खेल संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद और विधायक खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा ग्रामीण स्तर की प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं को खेलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी की है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक महीने के भीतर करीब 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस समेत अन्य विभागों में नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
योगी ने बताया कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को 6 करोड़, सिल्वर मेडल विजेता को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को 2 करोड़ रुपये की सहायता दी जाती है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी आर्थिक सहायता दी जाती है।
गांव-गांव खेल सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर गांव में खेल मैदान और ओपन जिम, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम तथा हर जिले में स्टेडियम विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज और वहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना पर भी काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई गई है, जहां खेल से जुड़े पाठ्यक्रम और प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसा खेल इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने निजी खेल अकादमियों और पारंपरिक अखाड़ों को भी सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुराने उस्तादों और पहलवानों के अखाड़ों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कोच और मैनेजरों को भी आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।
आत्म-अनुशासन को बताया खिलाड़ी की पहली शर्त
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम सबसे जरूरी है। समय पर उठना, समय पर सोना, खान-पान के नियमों का पालन करना और गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहलवानों की परंपरा में उस्ताद और गुरु के प्रति सम्मान का विशेष महत्व है। अनुशासन और मेहनत के जरिए ही खिलाड़ी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार जल्द नई युवा नीति लाने जा रही है। इसके तहत युवाओं के लिए विभिन्न कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग को कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक पहुंचाने की योजना है। साथ ही हर जिले में रोजगार क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां युवाओं को एक ही स्थान पर स्किलिंग और रोजगार के अवसर मिल सकें।
पहलवानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार और वीर अभिमन्यु खिताब के फाइनल मुकाबले देखे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। विजेता पहलवानों को पुरस्कार और गदा देकर सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश केसरी का खिताब गौतमबुद्ध नगर के आकाश ने जीता, जबकि उत्तर प्रदेश कुमार का खिताब वाराणसी के सौरभ और वीर अभिमन्यु का खिताब गाजीपुर के सूरज यादव ने अपने नाम किया। मुख्यमंत्री ने विजेता और उपविजेता पहलवानों के साथ तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को भी पुरस्कार प्रदान किए।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, सांसद विजय दूबे समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

