वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच शुरू हुआ सियासी विवाद अब गोवा तक पहुंच गया है। गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के शुरुआती दो छंद गाए जाने पर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर सवाल खड़े किए।
गोवा बीजेपी के प्रवक्ता दाजी कृष्ण सालकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्ष 1937 में वंदे मातरम के गायन को यह कहते हुए सीमित कर दिया था कि इसके कुछ हिस्से धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाद अब गोवा में भी कांग्रेस ने वंदे मातरम का अपमान किया है।
वहीं, गोवा में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार किया। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस वही वंदे मातरम गा रही है, जिसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में भी गाया जाता रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर दो छंद गाना अपराध है तो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल पर भी केस होना चाहिए।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से वंदे मातरम के इसी स्वरूप को गाती आ रही है। उन्होंने बीजेपी पर इतिहास की जानकारी के बिना आरोप लगाने का भी आरोप लगाया।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने भी बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कर्नाटक में वंदे मातरम के दो ही छंद गाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा करना अपराध है तो उन्हें फांसी दे दी जाए या जेल भेज दिया जाए।
इस विवाद में बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के रवैये को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अब देशभर में हंसी का पात्र बन गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि इस तरह का विवाद लोकतांत्रिक भारत के मानबिंदुओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अस्वीकार्य है।
इस तरह वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों दल एक-दूसरे पर राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

