हरिद्वार में भाई की हत्या का बदला लेने की तैयारी कर रहे एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से दो अवैध पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब 16 साल से अपने भाई के हत्यारों की तलाश में था और उन्हें निशाना बनाने के इरादे से हथियार लेकर घूम रहा था।
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मनोज कुमार, मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के बुडीना कला गांव का रहने वाला है। उसकी उम्र 45 साल बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 2010 में मुजफ्फरनगर में पंचायत चुनाव के दौरान मनोज के भाई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही वह भाई की हत्या में शामिल आरोपियों की तलाश कर रहा था।
बताया जा रहा है कि अप्रैल 2026 में मनोज हरिद्वार आया था। यहां उसने एक आश्रम को लीज पर लेकर होटल के तौर पर कारोबार शुरू किया। इसी दौरान उसे कथित तौर पर जानकारी मिली कि उसके भाई की हत्या के आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं और हरिद्वार पहुंचने वाले हैं।
इसके बाद मनोज ने कथित तौर पर उनकी हत्या की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को आशंका है कि अगर समय रहते आरोपी को नहीं पकड़ा जाता तो हरिद्वार में गैंगवार जैसी बड़ी वारदात हो सकती थी।
पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को नगर कोतवाली पुलिस की टीम चित्रकूट घाट के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने जब आरोपी के कंधे पर टंगे बैग की तलाशी ली तो उसमें 32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस मिले। हथियारों का लाइसेंस मांगने पर आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि सघन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध को समय रहते गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह अपने भाई की हत्या का बदला लेने के इरादे से हथियार लेकर घूम रहा था।
फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके पास बरामद अवैध पिस्टल कहां से आईं और इन हथियारों की सप्लाई किसने की।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

