उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पार्टी ने यूपी में अपनी नई क्षेत्रीय टीम का ऐलान कर दिया है. नई टीम में कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी संगठन को छह क्षेत्रों में बांटा गया है. इनमें अवध, काशी, पश्चिम, ब्रज, गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र शामिल हैं. पार्टी ने इन सभी क्षेत्रों में संगठन की जिम्मेदारियों के लिए नेताओं की नियुक्ति की है.
कानपुर क्षेत्र में जेपी नड्डा के सहयोगी रहे आदित्य त्रिवेदी को क्षेत्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं अवध क्षेत्र में विकास श्रीवास्तव को क्षेत्रीय मंत्री और राहुल रस्तोगी को क्षेत्रीय महामंत्री बनाया गया है.
इसके अलावा बीजेपी ने कई नेताओं को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी है. इनमें पश्चिम क्षेत्र से अंकुर राणा के साथ नीरज वर्मा, राजकिशोर मौर्य, नितिन मित्तल, पीके वर्मा, ठाकुर प्रसाद गंगवार, अवधेश पाण्डेय बादल, मनीष शुक्ला, रेशु भाटिया, दिनेश सिंह और अनूप बाजपेयी शामिल हैं.
वहीं नरेन्द्र राजपूत, भुवन प्रकाश गुप्ता, अशोक राजपूत, नीतू सिंह, पवन प्रताप सिंह, अखिलेश नाथ दीक्षित, आशीष कोल, अर्चना त्रिपाठी, अमित समाधिया और अरविन्द मुखिया को भी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है.
क्षेत्रीय महामंत्री के पद पर राजीव मिश्रा, राहुल राज रस्तोगी, डॉ. विमल सिंह, अवधेश कटियार, आनन्द सिंह, आदित्य त्रिवेदी, शिवसिंह भारती और राजेश पटेल की नियुक्ति की गई है.
वहीं क्षेत्रीय मंत्री के तौर पर विकास सिंह, महेन्द्र लोधी, काशीराम रावत, अंकित सिंह चंदेल, गौरव भाटिया, विकास श्रीवास्तव ‘बाबा’, पूजा मिश्रा, राम कुमार वर्मा, विजय कुमार भुर्जी, अंजली मौर्य समेत कई नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है.
इसके अलावा बीरेंद्र तिवारी, प्रशांत राव चौबे, मनीष तिवारी, सरदार मनजीत सिंह, शिवेंद्र सिंह शैली, रमेश कुशवाहा, आनन्द पटेल, विनोद कुशवाहा, रीता कठेरिया और धीरेन्द्र वर्मा को भी क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया है.
पार्टी ने क्षेत्रीय सदस्य के तौर पर रामदेव पाल, शंकर दयाल पाण्डेय, रामकिशोर राजभर, जसवंत लाल सोनकर, जगदीश पासवान, देवेन्द्र सिंह, सरदार मनदीप सिंह वालिया, अच्छेलाल निषाद और अनीता श्रीवास्तव को शामिल किया है.
कुल मिलाकर, विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन के स्तर पर नई टीम तैयार कर सियासी तैयारियों को धार देने की कोशिश की है. अब इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी की नजर जमीनी संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाने पर होगी.

