Headlines

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला कैबिनेट का बड़ा फैसला आज, किसे मिलेगी जगह और कौन होगा बाहर?

जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज, आज शाम उमर अब्दुल्ला लेंगे बड़ा फैसला

जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सोमवार, 26 अक्टूबर की शाम अपने पांच कैबिनेट सहयोगियों के इस्तीफों पर अंतिम फैसला ले सकते हैं। इस फैसले के बाद सरकार में कुछ पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता और विधायक तनवीर सादिक ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे श्रीनगर के लोक भवन में आयोजित किया जाएगा।

शाम 7 बजे तक मिल जाएगी जानकारी

तनवीर सादिक ने बताया कि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नेताओं को सोमवार शाम 7 बजे तक सूचना दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों की अंतिम सूची तैयार कर ली है, लेकिन किसे मंत्रिमंडल में शामिल करना है और किसका इस्तीफा स्वीकार करना है, इसका अंतिम अधिकार मुख्यमंत्री के पास है।

दो सप्ताह पहले मंत्रियों ने सौंपे थे इस्तीफे

दरअसल, उमर अब्दुल्ला सरकार के पांच मंत्रियों ने करीब दो सप्ताह पहले मुख्यमंत्री को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। इसके बाद मंत्रिमंडल में उनकी निरंतरता को लेकर फैसला मुख्यमंत्री पर छोड़ दिया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना है, उनके इस्तीफे स्वीकार किए जा सकते हैं। वहीं, जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में बरकरार रखा जाएगा, उनके इस्तीफे नामंजूर किए जाने की संभावना है।

मंत्रिमंडल में तीन पद खाली

फिलहाल जम्मू-कश्मीर सरकार में मुख्यमंत्री समेत छह सदस्य हैं, जबकि मंत्रिमंडल में तीन पद खाली हैं। ऐसे में इस विस्तार के जरिए सरकार में नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। मंगलवार सुबह होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

मुख्यमंत्री समेत अधिकतम नौ मंत्री हो सकते हैं

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 53 के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 90 निर्वाचित सीटें हैं। इस नियम के तहत मुख्यमंत्री समेत अधिकतम नौ मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद खाली पदों को भरने और सरकार में नए चेहरों को मौका देने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *