गाजियाबाद पुलिस चौकी पर धमाका, आतंकी संगठन के दावे से मचा हड़कंप!
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार रात वसुंधरा पुलिस चौकी पर हुए धमाके से हड़कंप मच गया। रात करीब 9 बजे हुए इस विस्फोट में चौकी के कांच के दो पैनल टूट गए। राहत की बात यह है कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। लेकिन धमाके के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित संगठन के दावे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें ‘तहरीक-ए-मुजाहिदीन-ए-हिन्दुस्तान’ नाम के संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में प्रदेश की मौजूदा सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने और पुलिस को निशाना बनाने की बात कही गई है। साथ ही पोस्ट में घर, मस्जिद, धर्म और संस्कृति की रक्षा के नाम पर संघर्ष जारी रखने का भी दावा किया गया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए इस दावे की अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस चौकी को उड़ाने की धमकी
बताया जा रहा है कि धमाके की जिम्मेदारी लेने वाला कथित पोस्ट ‘गाजी 2’ नाम के एक एक्स अकाउंट से साझा किया गया था। इस अकाउंट से पुलिस चौकी को उड़ाने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस इस पोस्ट की सत्यता और इसके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी ATS की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अब धमाके के कारणों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर किए गए दावों की भी पड़ताल कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सभी पहलुओं पर जांच
गाजियाबाद पुलिस चौकी पर हुआ यह धमाका ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाए जाने की आशंका को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और शहजाद भट्टी से जुड़े एक कथित मॉड्यूल का खुलासा किया था। उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने जानकारी दी थी कि आरोपी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
इन्हीं सुरक्षा चिंताओं के बीच वसुंधरा पुलिस चौकी पर हुए धमाके को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। अब देखना होगा कि जांच में धमाके के पीछे क्या वजह सामने आती है और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा कितना सच साबित होता है।
