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राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- अहीर-अहीर में भेद करते हैं सपा प्रमुख!

ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला! बोले- अहीर-अहीर में भी करते हैं भेदभाव

उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज होती जा रही है। योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। इस बार राजभर ने यादव समाज के भीतर ही भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव को घेरा है।

ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा यादव नेता देखा है, जो अहीर-अहीर के बीच भी फर्क करता है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव कुछ खास वर्गों को ही अपना मानते हैं, जबकि दूसरे वर्गों को राजनीतिक रूप से नजरअंदाज करते हैं।

15 प्रतिशत और 85 प्रतिशत का जिक्र कर क्या बोले राजभर?

दरअसल, ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अहीर समाज के भीतर घोसी यानी ग्वाला और कमरिया समुदाय का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव 15 प्रतिशत वाले कमरिया समाज को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 85 प्रतिशत वाले घोसी यानी ग्वाला समाज को नजरअंदाज करते हैं।

राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि 2017 से लेकर 2024 तक हुए चुनावों में समाजवादी पार्टी ने कितने घोसी और कितने कमरिया समाज के लोगों को टिकट दिया?

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव जाति के नाम पर राजनीति करते-करते अब अहीर समाज के भीतर भी भेदभाव करने लगे हैं।

2027 चुनाव को लेकर भी किया बड़ा दावा

ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि घोसी यानी ग्वाला समाज इस बार समाजवादी पार्टी को राजनीतिक जवाब देगा।

उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत वाला ग्वाला समाज अखिलेश यादव को 2022 से भी खराब दौर दिखाने की तैयारी में है।

पहले भी अखिलेश पर हमलावर रहे हैं राजभर

गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। राजभर इससे पहले भी कई मुद्दों पर सपा प्रमुख को घेर चुके हैं।

अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान पर भी राजभर ने तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि टोने-टोटके से चुनाव नहीं जीते जा सकते।

अब एक बार फिर अहीर समाज के भीतर कथित भेदभाव को लेकर राजभर के बयान ने यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। देखना होगा कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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