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SCO मीटिंग के लिए भारत का पाकिस्तान को न्योता, शहबाज शरीफ ने क्या दिया जवाब?

भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता, क्या दिल्ली आएंगे पाकिस्तानी मंत्री?

भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। भारत ने पाकिस्तान को नई दिल्ली में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सभ्यता संवाद मंच में शामिल होने का न्योता भेजा है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अभी तक इस निमंत्रण को स्वीकार करने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

दरअसल, 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम का आयोजन होना है। इस कार्यक्रम की मेजबानी भारत का संस्कृति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर करेंगे। भारत की ओर से SCO के सभी सदस्य देशों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया है, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है।

पाकिस्तान ने अभी नहीं लिया अंतिम फैसला

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत की ओर से मिले निमंत्रण की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर पाकिस्तान विभिन्न संबंधित संस्थानों से बातचीत करेगा। इसके बाद देश का नेतृत्व अंतिम फैसला लेगा।

यानी फिलहाल यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान के संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची भारत आएंगे या नहीं।

सैन्य टकराव के बाद भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम

भारत का यह निमंत्रण इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि मई 2025 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद यह पहली बार है जब भारत ने पाकिस्तान के किसी वरिष्ठ मंत्री को अपने यहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। दोनों देशों के बीच करीब चार दिनों तक सैन्य तनाव जारी रहा और 10 मई को सैन्य अधिकारियों के बीच बनी सहमति के बाद संघर्ष थमा।

SCO में आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का सख्त रुख

शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO यूरेशिया का एक प्रमुख राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग समूह है। इसमें भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

भारत लगातार इस मंच पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है। भारत का स्पष्ट रुख है कि आतंकवाद और उसकी फंडिंग के खिलाफ सभी सदस्य देशों को बिना किसी दोहरे मापदंड के एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।

ऐसे में अब सबकी नजर पाकिस्तान के फैसले पर टिकी है। सवाल यही है कि क्या तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद पाकिस्तान भारत के इस न्योते को स्वीकार करेगा और उसके संस्कृति मंत्री नई दिल्ली पहुंचेंगे?

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