वाराणसी में रोका गया अनंत सिंह का 50 गाड़ियों वाला काफिला, समर्थक करते रह गए इंतजार!
बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को वाराणसी में उस वक्त मायूसी का सामना करना पड़ा, जब पुलिस ने उनके करीब 50 गाड़ियों वाले काफिले को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। पटना से प्रयागराज जा रहे अनंत सिंह के स्वागत के लिए वाराणसी में समर्थकों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। फूल-मालाएं सजाई गई थीं और कई लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए भी इंतजार कर रहे थे। लेकिन पुलिस के फैसले ने स्वागत के पूरे कार्यक्रम पर पानी फेर दिया।
दरअसल, अनंत सिंह अपने दोस्त पप्पू सलमान की शादी में शामिल होने के लिए प्रयागराज जा रहे थे। इसी दौरान वाराणसी में उनके स्वागत का कार्यक्रम तय किया गया था। काफिले के बीएचयू प्रवेश द्वार के पास पहुंचने की उम्मीद थी। यहां समर्थक उनका स्वागत करने के साथ ही पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कराने की तैयारी में थे।
50 गाड़ियों के काफिले को शहर में एंट्री नहीं
बताया जा रहा है कि अनंत सिंह करीब 50 गाड़ियों के काफिले के साथ वाराणसी पहुंचे थे। लेकिन वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने इतने बड़े काफिले को शहर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने काफिले को शहर के बाहर से ही प्रयागराज की ओर रवाना कर दिया।
धनतेरस की भीड़ बनी एंट्री में बाधा
पुलिस के मुताबिक, धनतेरस के चलते वाराणसी के बाजारों में भारी भीड़ थी। बीएचयू गेट और लंका मार्ग समेत कई इलाकों में यातायात का दबाव बना हुआ था। ऐसे में 50 गाड़ियों के काफिले को शहर में प्रवेश देने से जाम की स्थिति पैदा हो सकती थी।
इसी को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफिले को शहर के अंदर आने की अनुमति नहीं दी।
स्वागत की तैयारी धरी रह गई, समर्थकों में मायूसी
उधर, वाराणसी में अनंत सिंह के समर्थक अलग-अलग जगहों पर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। किसी के हाथ में फूलों की माला थी, तो कोई मोबाइल लेकर उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की तैयारी में था। समर्थकों को उम्मीद थी कि अनंत सिंह बीएचयू पहुंचेंगे और उनका स्वागत किया जाएगा।
लेकिन जब काफिला शहर में प्रवेश किए बिना ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गया, तो समर्थकों को निराशा हाथ लगी। न स्वागत हो सका और न ही माल्यार्पण का कार्यक्रम पूरा हुआ।
इस तरह धनतेरस की भीड़ और यातायात व्यवस्था के चलते बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का वाराणसी दौरा बिना स्वागत कार्यक्रम के ही खत्म हो गया।
