पलारी में शपथ पर ‘सत्ता का रंगभेद’, कांग्रेसियों को एसी पंडाल, भाजपा पार्षदों को खाली कुर्सी*
– पूर्व सीएम भूपेश, पीसीसी चीफ बैज के सामने भव्य शपथ पर भाजपा का बवाल

गुरुर ब्लॉक के नगर पंचायत पलारी में लोकतंत्र शर्मसार हो गया। शपथ ग्रहण समारोह में ‘कांग्रेस बनाम भाजपा का द्वंद्व खुलकर सड़कों पर आ गया। कल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज की मौजूदगी में नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कांग्रेस के पार्षदों ने राजसी ठाठ से शपथ ली। ऐसी लगे पंडाल में 200 लोगों का भव्य भोजन, फूल-मालाओं के साथ ‘सत्ता का जश्न’ मना, लेकिन 24 घंटे बाद ही तस्वीर बदल गई। आज जब भाजपा के 5 पार्षद गजेंद्र महमल्ला, संतोष कुर्रे, योगेश्वरी देवी वैष्णो, खिलेश्वरी साहू, नेहा गुलशन साहू अपने समर्थकों के साथ शपथ लेने नगर पालिका दफ्तर पहुंचे, तो वहां ‘उपेक्षा का रेगिस्तान’ मिला। छाया अध्यक्ष लखनलाल गुरूपंच ने कहा हमारे कार्यकर्ता के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं की गई। हमने 150 से 200 कार्यकर्ताओं के आने की जानकारी था सीएमओ को दिए थे, फिर भी व्यवस्था नहीं की गई। यह भाजपा पार्षदों और जनता का अपमान है। हमने शपथ ग्रहण का बहिष्कार कर दिया।

*‘कांग्रेस के लिए भव्य पंडाल, भाजपा के लिए फुटपाथ’*
भाजपा पार्षदों ने आग उगलते हुए कहा – कल कांग्रेसियों के लिए एसी पंडाल, माइक, कुर्सी, भोजन – सब था। आज हमारे लिए बैठने की कुर्सी तक नहीं। नगर पंचायत प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों की हैसियत बता दी। ये शपथ नहीं, अपमान है। भाजपा पार्षदों के आक्रोश के आगे प्रशासनिक अफसर बेबस नजर आये। हालात इतने बिगड़े कि एसडीएम सोनकर खुद मनाने पहुंचे, हाथ जोड़कर आग्रह किया, पर भाजपा पार्षद टस से मस नहीं हुए। गुस्साए पार्षदों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया और समर्थकों के साथ वापस लौट गए।

*भाजपा पार्षदों का आरोप प्रशासन बना कांग्रेस का गुलाम’*
भाजपा छाया अध्यक्ष लखन गुरुपंच ने सीधा हमला बोला – ये लोकतंत्र नहीं, कांग्रेस का राजतंत्र है। नगर पंचायत प्रशासन कांग्रेस के इशारे पर नाच रहा है। भूपेश-बैज आए तो सरकारी खजाना खोल दिया। भाजपा के पार्षद आए तो दफ्तर में झाड़ू भी नहीं लगी। पार्षद गजेंद्र महमल्ला ने पूछा – क्या हम जनता के चुने हुए पार्षद नहीं? क्या शपथ के लिए भी भाजपा-कांग्रेस देखी जाएगी? 200 लोगों का खाना कांग्रेस के लिए, भाजपा के लिए पानी का गिलास तक नहीं… भाजपा ने ऐलान कर दिया है कि इस अपमान का बदला लिया जाएगा। सड़क से सदन तक लड़ाई होगी। पलारी की जनता अब पूछ रही है – शपथ ग्रहण में भी कांग्रेस-भाजपा का भेदभाव? फिर नगर का विकास कैसे होगा? एक ही नगर पंचायत, दो तरह का व्यवहार। कल जश्न, आज जलील। पलारी में लोकतंत्र का यही ‘कांग्रेसी मॉडल’ है। कांग्रेस के कार्यक्रम का खर्चा कहां से मैनेज हो रहा है अब इस पर सबकी नजर है।
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