संवददाता – दीपक देवदास के साथ यशवंत विश्वकर्मा
मुकेश सिंह के नेतृत्व में थाना गुरुर द्वारा साइबर प्रहरी अभियान चलाकर आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, व्हाट्सएप वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग, फर्जी लोन ऐप, ओटीपी फ्रॉड तथा सोशल मीडिया ठगी से बचने के उपाय बताए गए।
गुरुर। थाना गुरुर में आयोजित साइबर जागरूकता अभियान के तहत लोगों को बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने की अपील की गई। टीआई मुकेश सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने बताया कि फोन पे, गूगल पे और पेटीएम जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों में कैशबैक ऑफर, बैंक ऑफर या लिंक भेजकर ठगी की जा रही है। साइबर अपराधी लोगों को लिंक क्लिक करवाकर या AnyDesk, Quick Support, Team Viewer तथा Alpemix जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर उनके बैंक खाते एवं डिजिटल वॉलेट से रकम निकाल लेते हैं। पुलिस ने ऐसे किसी भी लालच में न आने की सलाह दी।
अभियान में व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग के जरिए होने वाली ब्लैकमेलिंग के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल कर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जाता है और बाद में सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग की जाती है। कई मामलों में ठग खुद को यूट्यूब अधिकारी या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराने का प्रयास करते हैं।
पुलिस ने रिश्तेदार बनकर फोन करने वाले ठगों से भी सावधान रहने को कहा। ऐसे ठग खुद को परिचित या रिश्तेदार बताकर “पहचाना नहीं क्या” कहकर विश्वास में लेते हैं और फिर फोन पे, गूगल पे या बैंक खाते में पैसे भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं।
क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के संबंध में बताया गया कि कई लोग बैंक कस्टमर केयर का नंबर गूगल से खोजकर फर्जी नंबर पर संपर्क कर लेते हैं। इसके बाद ठग कार्ड नंबर, सीवीवी और ओटीपी मांगते हैं या क्यूआर कोड स्कैन करवाकर बैंक खाते से रकम निकाल लेते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी या सीवीवी नंबर नहीं मांगता।
सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर दोस्ती करने तथा बाद में निजी जानकारी के आधार पर ब्लैकमेल करने के मामलों की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा “मुझे पैसों की जरूरत है”, “एक्सीडेंट हो गया है” या “अस्पताल में भर्ती हूं” जैसे बहाने बनाकर ऑनलाइन पैसे मांगने वाले संदेशों पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई।
पुलिस ने नटराज पेंसिल कंपनी के नाम पर घर बैठे काम और पेंसिल पैकिंग जॉब देने के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। ठग जॉब कार्ड, वेरिफिकेशन, डिलीवरी और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर किश्तों में ऑनलाइन भुगतान करवाते हैं और फर्जी वीडियो भेजकर लोगों को झांसे में लेते हैं।
जीवनसाथी डॉट कॉम और अन्य वैवाहिक वेबसाइटों के माध्यम से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर पैसे मांगने वाले साइबर अपराधियों से भी सावधान रहने को कहा गया। वहीं व्यापारियों और दुकानदारों को आर्मी या केंद्रीय बल का अधिकारी बनकर ऑनलाइन ऑर्डर देने तथा क्यूआर कोड भेजकर रकम ठगने की घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी निजी जानकारी, ओटीपी, बैंक डिटेल या एटीएम संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
“सावधान रहें, सुरक्षित रहें” संदेश के साथ बालोद पुलिस द्वारा साइबर अपराध रोकने के लिए यह विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

