संवददाता-दीपक देवदास, बालोद
गुरूर। बस्तर जिले की एक आदिवासी महिला को उसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जे से मुक्त करवाने एवं न्याय दिलाने की मांग को लेकर भीम आर्मी द्वारा बस्तर से राजधानी रायपुर तक न्याय पदयात्रा निकाली जा रही है। यह पदयात्रा लगातार विभिन्न जिलों से गुजरते हुए लोगों का ध्यान आदिवासी अधिकारों एवं न्याय की मांग की ओर आकर्षित कर रही है।
दिनांक 28 मई 2026 को पदयात्रा जिला कांकेर से चारामा होते हुए बालोद जिले के राजा राव पठार पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने बताया कि आदिवासी महिला की पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा होने के कारण वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन अब तक उसे उचित न्याय नहीं मिल पाया है। इसी के विरोध में एवं प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से यह न्याय पदयात्रा निकाली जा रही है।
पदयात्रा का नेतृत्व भीम आर्मी कोंडागांव जिलाध्यक्ष हेमसिंह मौर्य कर रहे हैं। उनके साथ भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, उपाध्यक्ष सुएल नाग तथा जिला कांकेर से वरिष्ठ अध्यक्ष पंकज कुंजाम सहित लगभग 11 से 14 सदस्य पदयात्रा में शामिल हैं।
यात्रा के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन, जल और जंगल पर अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए तथा किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन हमेशा संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा केवल एक व्यक्ति के न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज है।
भीम आर्मी पदाधिकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित महिला को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को सुबह 8 बजे राजा राव पठार से पदयात्रा रायपुर के लिए रवाना होगी, जहां संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की जाएगी।

