जंतर-मंतर हिंसा केस: FIR में बड़े खुलासे, हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में मामला दर्ज
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस की एफआईआर से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। कर्तव्य पथ थाना पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
कर्तव्य पथ थाने में दर्ज एफआईआर एक पुलिस इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत के मुताबिक, 20 जुलाई की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि रेल भवन राउंडअबाउट के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुट गए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार नारेबाजी करती रही।
संसद की ओर बढ़ने की कोशिश का आरोप
एफआईआर में पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार वहां से हटने की अपील की गई थी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाया और बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने जवानों को घेर लिया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस पर पथराव और हमले का आरोप
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और चप्पलें फेंकीं, जिसके कारण कई जवान घायल हुए। पुलिस ने दावा किया है कि हमला गंभीर था, इसलिए एफआईआर में बीएनएस की धारा 109(1) यानी हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी गई है।
129 पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर हिंसा में 129 पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
एफआईआर में सरकारी काम में बाधा डालने, गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि हिंसा के दौरान कई वाहनों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
FRS कैमरों से 2 हजार से ज्यादा संदिग्धों की पहचान
दिल्ली पुलिस अब फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यानी FRS कैमरों की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक 2 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है और जो प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे।

