फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान! अनुच्छेद 370 पर बोले- दिल्ली से इंसाफ की उम्मीद क्या करें?
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बारामुल्ला में इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए केंद्र और दिल्ली से न्याय मिलने को लेकर सवाल उठाए। उनके बयान में अनुच्छेद 370, जम्मू-कश्मीर के अधिकारों और पड़ोसी मुल्क की भूमिका का जिक्र रहा।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली से न्याय की उम्मीद करना कितना उचित है, यह सोचने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से हिम्मत बनाए रखने और अपने अधिकारों के लिए मुकाबला करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर लोग हिम्मत नहीं रखेंगे, तो उनका नाम और निशान मिट सकता है।
‘हमारा पड़ोसी हर जगह पहुंच जाता है’
अपने बयान में फारूक अब्दुल्ला ने पड़ोसी मुल्क का भी जिक्र किया। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को पाकिस्तान की ओर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क हर जगह यह मुद्दा उठाता है कि कश्मीर का फैसला अभी नहीं हुआ है।
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और राजनीतिक अधिकारों को लेकर जारी बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
अनुच्छेद 370 पर जारी है राजनीतिक बहस
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निरस्त कर दिया था और तत्कालीन राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में पुनर्गठित किया था। इस फैसले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद रहे हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और अधिकारों के मुद्दे को उठाती रही है। फारूक अब्दुल्ला का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।

