CM विजय का बड़ा फैसला! ATF पर VAT घटाया, केंद्र ने की तारीफ; सस्ती हवाई यात्रा की उम्मीद
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार ने विमान ईंधन पर वैट घटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से एयरलाइंस कंपनियों को परिचालन लागत में राहत मिलने की उम्मीद है। इस फैसले की केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी सराहना की है।
तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर वैट की दर 29 प्रतिशत से घटाकर 16 प्रतिशत कर दी है। वहीं, राज्य के अन्य हवाई अड्डों पर इसे घटाकर केवल 1 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम से तमिलनाडु के हवाई अड्डों से परिचालन करने वाली एयरलाइंस को राहत मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने CM विजय की सराहना की
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तमिलनाडु सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ATF पर वैट कम करना विमानन क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम है। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों की साझा प्राथमिकता यात्रियों के हितों की रक्षा करना होना चाहिए।
गौरतलब है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल को जीएसटी व्यवस्था से बाहर रखा गया है। ऐसे में राज्य सरकारें अपने स्तर पर इस पर वैट की दर निर्धारित कर सकती हैं।
ATF की कीमतें क्यों बढ़ाती हैं हवाई यात्रा का खर्च?
विमानन क्षेत्र में ईंधन एक बड़ा खर्च है। एयरलाइंस की परिचालन लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ATF पर खर्च होता है। जब जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ती हैं, तो एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। इसका असर टिकटों की कीमतों और कंपनियों के मुनाफे पर भी पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और हवाई मार्गों में बदलाव जैसी परिस्थितियां विमानन कंपनियों की लागत को प्रभावित करती हैं।
भारतीय एयरलाइंस के लिए रुपये की विनिमय दर और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर लगी पाबंदियां भी महत्वपूर्ण हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को वैकल्पिक लंबे मार्गों से गुजरना पड़ सकता है, जिससे उड़ान का समय और ईंधन की खपत बढ़ जाती है।
क्या सस्ती होंगी हवाई टिकटें?
ATF पर वैट घटने से एयरलाइंस की ईंधन लागत में राहत मिल सकती है। इससे कंपनियों को परिचालन खर्च संभालने में मदद मिलेगी और हवाई किरायों पर बढ़ते दबाव को कम करने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, वैट में कटौती का पूरा लाभ यात्रियों को टिकटों के सस्ता होने के रूप में मिलेगा या नहीं, यह एयरलाइंस की मूल्य निर्धारण नीति, ईंधन की वास्तविक कीमतों और अन्य परिचालन खर्चों पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु सरकार का यह फैसला विमानन क्षेत्र के लिए अहम कदम है। अब देखना होगा कि ATF पर वैट में इस कटौती का एयरलाइंस के परिचालन और यात्रियों के हवाई किरायों पर कितना असर पड़ता है।

