उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सीट बंटवारे को लेकर बड़ा दावा किया है।
अनुप्रिया पटेल का कहना है कि 2022 के मुकाबले इस बार उनकी पार्टी की सीटें कम नहीं, बल्कि बढ़ेंगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी गठबंधन में सीटों का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
एबीपी लाइव के कार्यक्रम ‘मोदी इरा 25’ में सीट शेयरिंग को लेकर सवाल पूछे जाने पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सीटों का फैसला अभी होना बाकी है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सीटें घटने के बजाय बढ़ेंगी। इसी के साथ उन्होंने यूपी में एनडीए की लगातार तीसरी सरकार बनने का भी दावा किया।
अनुप्रिया पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने माना कि विपक्ष की ओर से संविधान और आरक्षण को लेकर बनाए गए नैरेटिव को एनडीए उस समय प्रभावी तरीके से काउंटर नहीं कर पाया। उन्होंने इसे एनडीए की गलती भी माना।
हालांकि, अनुप्रिया पटेल का कहना है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अलग परिस्थितियों में हुआ था और उस समय जो नैरेटिव चला, वह 2027 के विधानसभा चुनाव में काम नहीं करेगा।
उन्होंने विपक्ष पर चुनाव के दौरान दुष्प्रचार का फायदा उठाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इससे विपक्ष को एक बार फायदा जरूर मिला, लेकिन इसके बाद वह चुनाव नहीं जीत सका। अनुप्रिया पटेल ने भरोसा जताया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है।
वहीं, अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर भी अनुप्रिया पटेल ने अपनी राय रखी। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की इस मांग पर उन्होंने कहा कि अलग राज्य की मांग पहले भी उठती रही है, लेकिन राज्य के गठन का फैसला केंद्र सरकार करती है और इसके लिए राज्य सरकार का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल अलग पूर्वांचल राज्य को लेकर ऐसा कोई प्रस्ताव सामने नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान अनुप्रिया पटेल ने मोदी सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से मिल रहे लाभों का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए।
कुल मिलाकर, अनुप्रिया पटेल के इस बयान ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और एनडीए की चुनावी रणनीति को लेकर सियासी चर्चा जरूर तेज कर दी है।

