वाराणसी में सपा की जीत के बाद काशी पहुंचे अखिलेश यादव, BJP पर साधा निशाना, बोले- डबल हार मिली
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 में वाराणसी की दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव वाराणसी पहुंचे और मतदाताओं का आभार जताया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा और चुनावी नतीजों को लेकर तंज कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि डबल इंजन, डबल सरकार और डबल विकास का दावा करने वालों को इस बार डबल हार का सामना करना पड़ा है।
वाराणसी की दोनों सीटों पर सपा का कब्जा
विधान परिषद चुनाव में वाराणसी खंड स्नातक सीट से समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा ने बीजेपी के केदारनाथ सिंह को हराया। वहीं, वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने बीजेपी के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को शिकस्त दी।
उत्तर प्रदेश की कुल 11 एमएलसी सीटों के नतीजों में बीजेपी ने 6 और समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की। वाराणसी की दोनों सीटों पर जीत के बाद सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
अखिलेश यादव ने बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वाद
वाराणसी पहुंचकर अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा विश्वनाथ ने आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव को जिताकर दोहरा आशीर्वाद दिया है। उन्होंने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
अखिलेश ने कहा कि जो लोग डबल इंजन, डबल सरकार और डबल विकास की बात करते थे, उन्हें डबल हार मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को एक बार की हार स्वीकार नहीं हुई, इसलिए दोबारा मतगणना कराई गई और अंत में उसे दोहरी हार स्वीकार करनी पड़ी।
काशी की संस्कृति और विरासत को लेकर बीजेपी पर हमला
अखिलेश यादव ने वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा विश्वनाथ और मणिकर्णिका घाट से जुड़े मामलों में स्थानीय लोगों पर लाठियां चलाई गईं। पाल समाज के साथ हुए व्यवहार और काशी की संस्कृति एवं विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों का भी उन्होंने जिक्र किया।
पेपर लीक और सरकारी स्कूलों को लेकर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नौकरियों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने 26 हजार सरकारी स्कूल बंद किए हैं और राज्य में 20 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं।
अखिलेश यादव ने सरकारी नौकरियों में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान पर सभी को गर्व है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में 55 से अधिक मूर्तियां तोड़े जाने का आरोप लगाया।
वाराणसी में दोनों एमएलसी सीटों पर जीत के बाद अखिलेश यादव के इस दौरे को सपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी की यह जीत प्रदेश की राजनीति में क्या असर डालती है।
