सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी सांसदों के मार्च के बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। दोनों नेता चुनाव आयोग के दफ्तर जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच उनके अगले कदम को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
वहीं, इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौर ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का विरोध करने वाले गलत रास्ते पर चल रहे हैं और देश में चुनाव आयोग को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मदन राठौर ने कहा कि फॉर्म-6 या फॉर्म-7 से जुड़े फैसले चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में कौन मतदाता बनने का अधिकार रखता है, इसका फैसला करने का अधिकार चुनाव आयोग के पास होना चाहिए।
इसी दौरान मदन राठौर ने सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता बनने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी पहले मतदाता बनीं और बाद में देश की नागरिक बनीं। राठौर ने कहा कि अगर उस समय एसआईआर लागू होता, तो सोनिया गांधी मतदाता नहीं बन पातीं।
उधर, आकाशवाणी भवन परिसर में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और पुलिस अधिकारियों के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। पुलिस ने मीडिया को थोड़ा पीछे हटकर कवरेज करने के लिए कहा, जिसके बाद वेणुगोपाल पुलिस अधिकारियों से बहस करने लगे। इसी दौरान राहुल गांधी भी वहां पहुंच गए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी फिलहाल आकाशवाणी भवन परिसर में ही धरने पर बैठे हैं। राहुल गांधी का आरोप है कि उन्हें चुनाव आयोग के दफ्तर जाने से रोका जा रहा है। इस दौरान वह कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ बातचीत करते भी नजर आए।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने वोट चोरी करके चुनाव को हाईजैक किया है। राहुल गांधी ने अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी आरोप लगाए और कहा कि ज्ञानेश कुमार ने इसमें मदद की है।
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