बिहार में अपराध खत्म होने के CM सम्राट चौधरी के दावे पर सियासी घमासान, जन सुराज ने पूछा- अधिकारी गूगल करके भाषण नहीं लिखते क्या?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपराध को लेकर दिए गए बयान पर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जन सुराज पार्टी ने सीएम के बयान को हास्यास्पद बताते हुए उनके दावों पर निशाना साधा है।
दरअसल, दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि बिहार में अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में बहस शुरू हो गई है।
जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने मंगलवार, 3 नवंबर को इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह नया ज्ञान है कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जैसे सम्राट चौधरी चीफ मिनिस्टर हैं, मुख्यमंत्री नहीं और नरेंद्र मोदी प्राइम मिनिस्टर हैं, प्रधानमंत्री नहीं।
NCRB के आंकड़ों का हवाला देकर उठाए सवाल
कुमार सौरभ ने मुख्यमंत्री की शैक्षणिक योग्यता का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या उनके अधिकारी भाषण तैयार करने से पहले गूगल भी नहीं करते? उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध के आंकड़े एनसीआरबी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री को इन आंकड़ों को देखना चाहिए।
‘मुख्यमंत्री को अपराध का पता नहीं तो लगाम कैसे लगाएंगे?’
कुमार सौरभ ने बिहार के अलग-अलग जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री के अधिकारी उन्हें इन घटनाओं की जानकारी नहीं देते? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की जिम्मेदारी अपराध पर लगाम लगाने की है, लेकिन अगर मुख्यमंत्री को यह ही नहीं पता कि राज्य में अपराध हो रहा है या नहीं, तो अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सम्राट चौधरी के बयान पर निशाना साधा है। ऐसे में बिहार में अपराध के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।
